
poojan,Teja Dashmi,
उज्जैन. तेजादशमी का पर्व बुधवार को उत्साह के साथ मनाया गया। तेजाजी के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगना शुरू हो गई थी। रंगबिरंगी छतरियां लेकर सर्प की तरह लहराते हुए भक्तगण मंदिर पहुंचे और निसान अर्पण किए। ढोल और बैंडबाजों के साथ सड़कों पर तेजाजी को अर्पण की जाने वाली छतरियों के जुलूस दिनभर निकलते रहे। मंदिरों में कतारबद्ध होकर लोगों ने दर्शन लाभ लिया। शहर ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजा दशमी की धूम रही।
घरों में नहीं चढ़ा तवा
तेजा दशमी के दिन चूल्हे पर तवा नहीं चढ़ाने की परंपरा है और साथ ही इस दिन महिलाएं चाकू से कटा हुआ भोजन भी नहीं बनाती हैं। इसीलिए घरों में आज के दिन दाल-बाटी और चूरमा का भोग बनाया गया।
नागदेवता थानक पर चढ़े निसान
पानबिहार. वीर तेजाजी का उत्सव गांव में उत्साह से मनाया गया। नाग देवता थानक पर निशान चढ़ा। तेजा दशमी के मौके पर श्रद्धालुओं ने नवमी से उपवास रखकर सारी रात जागरण किया। गांव में मन्नत करने वालों के घर पर निशान सजाकर वीर तेजाजी की कथा के आयोजन हुए। पानबिहार चौराहा स्थित देवनारायण मंदिर पर सभी निशान सामूहिक एकत्र कर जुलूस के रूप में निकाले गए। अपराह्न ४ बजे नाला स्थित नागदेव थानक पर श्रद्धापूर्वक आस्था से निशान चढ़ाए। इसी प्रकार क्षेत्र के गांव सुतारखेड़ा, बिहारिया, कालूहेेड़ा किठोदा, कागदी कराडिया में भी वीर तेजाजी की दशमी पर धार्मिक आयोजन हुए व नाग देवता थानक पर निशान चढ़ाए। क्षेत्र के मंदिरों में रात भर धार्मिक आयोजन चलते रहे।
नरवर में निकाला जुलूस
नरवर. तेजादशमी पर नरवर क्षेत्र में कई स्थानों पर हर्षोल्लास से जुलूस के साथ तेजाजी के मंदिर मे निशान चढ़ाए गए। इस अवसर पर ग्राम मुंजाखेड़ी में तेजाजी मन्दिर में नाग देवता ने प्रगट होकर प्रत्यक्ष दर्शन दिए। तेजाजी मन्दिर मेें नरवर, मुंजाखेड़ी, नौगांवा, पिपलोदा आदि गांवों में भी निशान चढ़ाए गए।
तेजाजी मंदिर में दो दिवसीय मेले का आयोजन
नागदा. ग्राम पाड्ल्याकलां स्थित स्थित अतिप्राचीन नवकली नाग महाराज श्रीसत्यवादी वीर तेजाजी मंदिर परिसर पर दो दिनी मेले का शुभारंभ हुआ। शुभारंभ विधायक दिलीपसिंह शेखावत, नपाध्यक्ष अशोक मालवीय, मंडल अध्य्क्ष राजेश धाकड़ द्वारा किया गया। रात्रि को महाआरती, पूजन के साथ ही तेजाजी की कथा का मंचन हुआ। मेले को लेकर लेकर नपा कर्मचारियों द्वारा मंदिर परिसर में रंग-रोगन का कार्य किया गया है, साथ ही मेला परिसर में 20 लाख रुपए की लागत से डोम का निर्मित हो चुका है। पंडा मानसिंह चौधरी के अनुसार तेजा दशमी के एक दिन पूर्व से मेले का शुभारंभ किया जाता है। मंगलवार शाम 4 बजे नाग ध्वज चढ़ाना, शाम 7.30 बजे जागरण आरती कर रात्रि 9 बजे भगवान वीर तेजाजी महाराज की कथा की गई। बुधवार सुबह भगवान का अभिषेक कर चोला चढ़ाया गया। सुबह ८ बजे महायज्ञ का आयोजन कर 9 बजे मेला आरती की गई। जिसके बाद दोपहर 1.30 बजे नाग दंश से पीडि़त लोगों की तांती छोड़ी गई।
चेतनपुरा में महाआरती
श्रीसत्यवादी वीर तेजाजी महाराज मंदिर सेवा समिति चेतनपुरा द्वारा महाआरती आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान बंसतीलाल सोलंकी रतत्नाखेड़ी के कलाकारों द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। तेजादशमी के अवसर पर बैरछा, जूना नागदा एवं बनबना में नाग देवता महाराज मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन की धूम रही।
Published on:
19 Sept 2018 08:02 pm

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