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पत्रिका इंपैक्ट- गर्भवती और प्रसूताओं का मुंह फिर मीठा

जिला अस्पताल की भोजनशाला में कर्मचारी की व्यवस्था हुई, पौषण आहार में दोबारा शामिल हुआ लड्डू, एक महिला को प्रतिदिन दो लड्डू की व्यवस्था है।

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चरक अस्पताल में भर्ती प्रसूता और गर्भवतियों को अब पौषण आहार में लड्डू की कमी नहीं खलेगी। जिला अस्पताल की भोजन शाला में उनके लिए फिर से लड्डूओं का निर्माण शुरू हो गया है। अब वे न सिर्फ दोबारा अस्पताल में अपना मुंह मीठा कर सकेंगी, जच्चा-बच्चा के शरीर को पौष्टीक आहार भी मिलेगा।

जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को शासन की ओर से नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराया जाता है। चरक में भर्ती गर्भवती व प्रसूताओं को विशेष रूप से पौष्टीक आहार दिया जाता है जिसमें गुड व ड्रायफ्रुड के बने लड्डू भी शामिल रहते हैं। अस्पताल प्रशासन ने पिछले एक सप्ताह से महिलाओं को यह लड्डू देना बंद कर दिया था। इसके पीछे कर्मचारी की कमी का कारण बताया गया था। पत्रिका ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद जिम्मेदारों ने इस बड़ी कमी पर ध्यान दिया और भोजनशाला में एक महिला कर्मचारी की नियुक्ति की। इसके बाद यहां लड्डूओं का निर्माण और गर्भवति-प्रसूताओं को इनका वितरण शुरू हो गया है।

रोज मिलेंगे दो लड्डू

गर्भ के दौरान जच्चा और बच्चा, दोनों के लिए पौषण आहार काफी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए शासन द्वारा शासकीय अस्पताल में भर्ती प्रसूता और गर्भवतियों को भोजन के साथ ही दूध, गुड़ व ड्रायफ्रुट से बने लड्डू आदि दिए जाते हैं। एक महिला को प्रतिदिन दो लड्डू (१०० ग्राम) देने की व्यवस्था है। इससे उन्हें ४०० से ५०० ग्राम कैलोरी मिलती है। महिलाओं को अब फिर से दो लड्डू मिलना शुरू हो गया है।