
वकील के माध्यम से राष्ट्रपति से लेकर सीएम तक को लिखित में की शिकायत
उज्जैन. केंद्रीय भैरवगढ़ जेल में बीड़ी बंडल और तम्बाकू के 500 रुपए, परिजनों से मुलाकात के 500 से एक हजार, तो फोन पर 5 मिनट बात के 200 से 500 रुपए तक लिए जा रहे हैं। यहां शराब से लेकर नॉनवेज, गांजा, चरस, अफीम और पावडर तक उपलब्ध है जिनके दाम फिक्स हैं। इस तरह की शिकायत भैरवगढ़ जेल से छूटे बंदी ने इंदौर हाईकोर्ट एडवोकेट खुजेमा कपाडिया के माध्यम से राष्ट्रपति, पीएम, सीएम, गृहमंत्रालय सहित अन्य विभागों से की है।
शिकायतकर्ता नासिर अमीर बागवाला निवासी खातीवाला टैंक ने लिखा है कि वह दिसम्बर 2021 से अक्टूबर 2022 तक केंद्रीय भैरवगढ़ जेल में बंद था। इस दौरान यहां तत्कालीन जेल अधीक्षक उषा राजे और उनके सहयोगी जगदीश परमार ने उससे वसूली की। परिवार वालों से मिलाने के लिए 1-1 हजार रुपए तक लिए। बीमार होने पर मेडिकल उपचार के लिए 40 हजार से 1 लाख रुपए आठ दिन के लिए। इसके दोनों ने भाव भी तय कर रखे थे। अगर किसी बंदी को अस्पताल के जेल वार्ड में रहना है तो उसे 8 दिन के 80 से 1 लाख रुपए तक देना पड़ते थे। पैरोल पर छोडऩे के 20 से 50 हजार रुपए तक बंदी को देना पड़ते थे।
बेटी का जन्मदिन मनाने बंदियों से चंदा
नासिर अमीर बागवाला ने लिखा है कि उषा राजे की बेटी बिट्टो का जन्मदिन मनाने के लिए भी जगदीश परमार ने बंदियों से चंदा लिया था। जिन बंदियों ने रुपए देने से इनकार किया उनके साथ मारपीट तक की गई और दूसरे बैराक (अंडा सेल) में भेज दिया। कई बार तो बंदियों के परिजनों से ऑनलाइन एप के द्वारा बंदियों के नाम गिफ्ट मंगवाए।
इन चीजों की तय थी राशि, जगदीश करता था उगाई
-फोन पर 5 मिनट बात के 200 से 500 (जेल में 12 फोन 7 से 8 घंटे तक चालू रहते थे)
-बीड़ी बंडल और तम्बाकू पुडिय़ा 500 रुपए कोरोना में यह 3500 रुपए तक बेची गई।
-शराब, नॉनवेज, मिठाई के 3 हजार से 5 हजार।
-मेडिकल उपचार के एक दिन के 10 हजार, जेल वार्ड में भर्ती होने के 40 से 1 लाख 8 से 10 दिन के लिए।
- बैराक शिङ्क्षफ्टग चार्ज 1 से 10 हजार।
-जेल में बाहर का खाना उपलब्ध करवाने के लिए 3 हजार से 10 हजार ।
-गांजा, अफीम, चरस, पावडर महीने भर उपलब्ध करवाने के लिए 50 हजार से 1.5 लाख तक।
-परिजनों से मुलाकात के लिए 500 से 1 हजार फिक्स।
(जैसा कि नासिर आमीर बागवाला ने शिकायत में लिखा)
ये उस समय की गड़बडिय़ां हैं...
जेल में तत्कालीन अधीक्षक उषा राजे के कार्यकाल की गड़बडिय़ां हैं। 29 अप्रेल से मैं यहां नियुक्त हूं। अब इस तरह की गड़बडिय़ां नहीं है। पिछले दिनों कुछ बंदियों ने चोरीछिपे तम्बाकू पहुंचाने की कोशिश की थी उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
मनोज साहू, अधीक्षक, केंद्रीय भैरवगढ़ जेल
Published on:
07 Aug 2023 01:27 am
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