
प्रवेश शुल्क लेते हैं फिर भी बिगड़ रहा चकोर पार्क का स्वरूप, बारिश ने बिगाड़ी हालत, पार्क में घास व गाजरघास बढ़ी, पौधे भी हुए खराब
उज्जैन. मक्सी रोड पर पांच करोड़ रुपए खर्च कर विकसित किया गया चकोर पार्क कुछ ही महीनों में उजाड़ जैसा होने लगा है। बारिश के कारण यहां घास और गाजरघास उग आई है। इस कारण यहां जहरीले जीवों का खतरा बढ़ गया है। स्थिति यह है हर चौथे-पांचवें दिन यहां सांप नजर आ रहे हैं। सवाल यह है कि जब पार्क में प्रवेश के लिए नगर निगम द्वारा शुल्क लिया जा रहा है तो समय पर पार्क का मेंटेनेंस क्यों नहीं हो रहा। बारिश को कारण बताया जा रहा है तो शहर में वन विभाग और यूडीए के पार्क भी हैं, लेकिन वहां
नियमित संधारण कैसे हो रहा है।
मक्सीरोड स्थित वर्षों से उजाड़ पड़े चकोर पार्क को निगम ने लंबे इंतजार के बाद एम्युजमेंट पार्क के रूप में विकसित किया है। यहां प्रवेश के लिए प्रति व्यक्ति १२ रुपए का शुल्क भी तय किया गया है ताकि समय पर पार्क का संधारण हो सके। बताया जा रहा है बारिश के दौरान पार्क का संधारण ठीक से नहीं होने से इसकी स्थिति खराब हो रही है। फव्वारे के आसपास गाजरघांस व जंगली पौधे उगने के साथ ही गंदगी पसरी हुई है। वहीं पार्क के अंदर की घास भी बेतरतीब बढ़ गई है। बारिश पूर्व लगाए पौधों में से कई अतिवृष्टि के कारण खराब हो गए हैं। पार्क में बड़ी समस्या सांपों के निकलने की खड़ी हो गई है। कर्मचारियों के अनुसार बारिश के बाद से ही हर चौथे-पांचवे दिन अलग प्रजाति के सांप पार्क में निकल रहे हैं। इनमें से कुछ पीलियाखाल के नाले से होते हुए पार्क मे आ रहे हैं तो कुछ पीछे खाली पड़े क्षेत्र से। कुछ बड़े सांपों को पकड़वाने के लिए तो सर्प विशेषज्ञों को भी बुलाया जा चुका है। सोमवार को भी चारे की कटाई के दौरान एक महिला कर्मचारी को सांप नजर आया था।
शुरू किया संधारण
मानसून समाप्त होने और बारिश कुछ थमने के बाद नगर निगम ने संबंधित ठेकेदार से उद्यान का संधारण व नए पौधे लगवाना शुरू किया है। कर्मचारियों द्वारा पार्क में बढ़ी घास को काट व्यवस्थित किया जा रहा है। इसके साथ ही फूलदार पौधों के आसपास उगी खरपतवार आदि को भी हटाया जा रहा है। हालांकि टंकी के नजदीक फैली गाजरघास और गंदगी को लेकर कार्रवाई नहीं की गई है।
Published on:
05 Nov 2019 10:03 pm
