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महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में बदलेगी व्यवस्था, ऐसे होंगे बाबा के दर्शन

Ujjain News: चारधाम मंदिर के पास पार्क होंगे वाहन, कलेक्टर-एसपी व प्रशासक सहित अन्य अधिकारियों ने ली बैठक

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The system will change in Mahakal temple on Mahashivaratri

Ujjain News: चारधाम मंदिर के पास पार्क होंगे वाहन, कलेक्टर-एसपी व प्रशासक सहित अन्य अधिकारियों ने ली बैठक

उज्जैन. राजाधिराज भगवान महाकाल के आंगन में १३ फरवरी से महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। नौ दिन तक अलग-अलग मुखारविंदों के रूप में बाबा भक्तों को दर्शन देंगे। पर्व की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर बुधवार को मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासनिक कार्यालय में कलेक्टर शशांक मिश्र, एसपी सचिन अतुलकर, प्रशासक एसएस रावत सहित समिति सदस्यगण और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इस बार महाशिवरात्रि पर्व पर दर्शन व्यवस्था में बदलाव रहेगा। चारधाम मंदिर के समीप बाहरी वाहनों की पार्किंग रहेगी। साथ ही 250 की रसीद वाला काउंटर भी इसी जगह रहेगा। गाड़ी पार्क करने के बाद यात्रियों को करीब आधा किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर या कतारबद्ध होकर सामान्य दर्शनार्थियों की लाइन में आकर दर्शन करना होंगे। इसी प्रकार मीडिया और पुजारी परिवार को डी गेट से इंट्री मिलेगी। जूता-चप्पल स्टैंड भी चारधाम के समीप बनाया जाएगा। इस बार जल व्यवस्था के लिए पांच गुना अधिक टीम को लगाया जाएगा। 20 फरवरी की रात 1 बजे से ही सामान्य दर्शनार्थियों की कतार लगना शुरू हो जाएगी। सुबह से लेकर रात तक दर्शनों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।

गर्भगृह में प्रवेश और वीआईपी को लेकर स्थिति साफ नहीं
बैठक में तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन गर्भगृह में आम दर्शनार्थियों का प्रवेश और वीवीआईपी के आगमन पर किस प्रकार की व्यवस्था रहेगी, फिलहाल इस बैठक में इन बिंदुओं पर कोई स्थिति साफ नहीं हो सकी है। इसके लिए अलग से चर्चा की जाना है।

नो व्हीकल जोन रहेगा मंदिर क्षेत्र
महाशिवरात्रि पर्व के चलते मंदिर क्षेत्र पूरी तरह से नो व्हीकल जोन घोषित रहेगा। ऐसे में बड़े वाहनों का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहेगा। आने वाले वाहनों को चारधाम के समीप ही पार्क किया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को पैदल चलकर ही मंदिर तक आना होगा।

वृद्ध, नि:शक्तों को भस्म आरती द्वार से प्रवेश
शिवरात्रि पर्व के दौरान वृद्ध, नि:शक्तों को मंदिर के मुख्य द्वार के समीप भस्म आरती द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। यहां उन्हें ट्राइसिकल की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। मंदिर में प्रवेश और दर्शन के बाद उन्हें उसी जगह पर लाकर छोड़ा भी जाएगा।

बेगमबाग वाले रास्ते पर पहले भी की जाती थी बैरिकेडिंग
बैठक में जब बेगमबाग वाले रास्ते पर चले रहे धरने की बात अधिकारियों से पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि उस रास्ते से हम कभी भी दर्शनार्थियों को मंदिर तक नहीं लाए। वहां हमेशा से बैरिकेड्स लगाए जाते हैं। इसलिए इस बार भी उस पाइंट को लेकर कोई मुद्दा नहीं है।

250 की रसीद वाले शंखद्वार से करेंगे प्रवेश
महाशिवरात्रि पर्व पर 250 की विशेष दर्शन पास रसीद लेने वाले श्रद्धालुओं को रूद्रसागर की तरफ शंख द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। यहां से वे फेसेलिटी सेंटर और टनल से होकर मंदिर प्रांगण में पहुंचेंगे और बाबा के दर्शन करेंगे।

महाकाल का होगा अपना पारंपरिक बैंड
बैठक में मौजूद अधिकारियों और समिति सदस्यों ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति अपना स्वयं का पारंपरिक बैंड तैयार करने जा रही है। महाकाल सवारी, पर्व और अन्य विशेष अवसरों पर इस बैंड का उपयोग किया जाएगा।

1500 की प्रवेश टिकट का समय किया निर्धारित
1500 रुपए की प्रवेश टिकट पर इस बार स्लॉट डाले जाएंगे, जिसमें समय निर्धारित रहेगा। निर्धारित समय के बाद 1500 रुपए की प्रवेश टिकट अवैध मानी जाएगी। 250 रुपए के टिकट काउंटर अलग-अलग छह स्थानों पर लगाए जाएंगे। सामान्य दर्शनार्थियों की कतार हरसिद्धि मन्दिर की ओर से रहेगी, यहीं पर जूता स्टेण्ड भी रहेगा। 13 से 20 फरवरी तक 1500 रुपए की रसीद कटाने पर दर्शनार्थियों का प्रवेश समय निर्धारित किया जाएगा।

बैरिकेड्स के साथ बनाएंगे फुट ओवर
बैठक में बताया गया कि महाशिवरात्रि पर्व पर पंडे-पुजारियों एवं मीडिया के प्रवेश के लिए फुट ओवर बनाया जाएगा। इससे बैरिकेड्स में खड़े आम दर्शनार्थियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। संभवत: वीवीआईपी के लिए भी फुट ओवर ब्रिज का उपयोग समयानुसार किया जा सकेगा।