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ये है उज्जैन का गुमटी बाजार यानी अतिक्रमण पाइंट

रोज शाम स्ट्रीट रेस्टोरेंट में होता है तब्दील, निगम अमले की खुली छूट -

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रोज शाम स्ट्रीट रेस्टोरेंट में होता है तब्दील, निगम अमले की खुली छूट -

उज्जैन. नगर निगम की मेहरबानी से शहर के पॉश इलाके में एक नया गुमटी बाजार सज गया है। जहां पान-पाउच, सिगरेट से लेकर खान-पान की सभी वस्तुएं मिलती हैं। कुछ गुमटी के बाहर तो शाम को टेबल-कुर्सी लगकर स्ट्रीट रेस्टोरेंट खुल जाते हैं। वीकेंड में तो इन सड़कों से कार निकालना तक मुश्किल हो जाता है। व्यवस्था को मुंह चिढ़ाता ये बाजार महाकाल वाणिज्य केंद्र में कॉसमॉल मॉल व बिड़ला चौराहे के नजदीक बसा है, जिसमें करीब ६५ से ज्यादा गुमटियां रख दी गई हैं, जिसके कारण ये पॉश एरिया अब अतिक्रमण के पाइंट के रूप में पहचाना जाने लगा है। महीनों से निगम ने यहां किसी पर कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण ये अतिक्रमण फैलता जा रहा है।
जहां जगह वहां ठंसा दी गुमटी
-कॉसमॉल मॉल के सामने यूडीए की सब्जी मंडी से सटी सरकारी खुली जगह पर ४० से अधिक गुमटियां लगी हैं।
-शाम को ये स्ट्रीट नाश्ता पाइंट में तब्दील हो जाती है।
-बिड़ला हॉस्पिटल की बाउंड्री के बाहर कॉसमॉल वाल वाले रास्ते की खुली भूमि के भी यहीं हाल हैं। यहां करीब १५ गुमटियां लग चुकी हैं।
कुछ निजी, अधिकांश से अवैध वूसली
-इस पॉश इलाके में लगी कुछ ही गुमटियां निजी तौर पर लगी हैं, जिनमें व्यक्ति खुद अपना रोजगार चलाता है।
-बाकी अधिकांश गुमटियां रसूखदारों ने पूंजी निवेश कर लगवा दी, जिनसे वे हर माह किराए के रूप में वसूली करते हैं।
-गरीब तबके के लोग गुमटी किराए पर लेकर चलाते हैं।
-निगम राजस्व अमला गुमटियों से १० रुपए की रसीद काट देता है।

कतिपय सत्ताधारी नेताओं ने यहां गुमटियां लगवाने का धंधा खोल लिया है। धीरे-धीरे पुरा क्षेत्र गुमटियों की जकडऩ में आ चुका है। शनिवार-रविवार को तो यहां से चार पहिया निकालना तक मुश्किल हो जाता है। गुमटी वाले गंदगी भी फैलाते हैं, जिससे और दिक्कत है। निगम गैंग को समस्या बताई लेकिन वे कार्रवाई नहीं करते।
-बीनू कुशवाह, क्षेत्रीय पार्षद

जो मौका आप बता रहे हैं, वहां दिनोंदिन नई गुमटियां लगने संबंधी शिकायत मिली है। पॉश इलाके में इस तरह का अतिक्रमण नहीं होने देंगे। जल्द गैंग के जरिए सारा अतिक्रमण हटवाएंगे।
-सुबोध जैन, सहायक आयुक्त, नगर निगम