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महाकाल के भक्तों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण, ​शिखर दर्शन की होगी नई व्यवस्था

कलेक्टर ने दो दिन बाद मृदा फेज-2 के सभी कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए, तय टाइम लाइन से कार्य हुए तो अगस्त-23 तक पूर्ण होगी योजना  

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This news is important for the devotees of Mahakal

कलेक्टर ने दो दिन बाद मृदा फेज-2 के सभी कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए, तय टाइम लाइन से कार्य हुए तो अगस्त-23 तक पूर्ण होगी योजना

उज्जैन. लंबी कागजी कार्यवाही के बाद आखिरकार रूद्र सागर इंट्रीग्रेटेड डेवलपमेंट अप्रोच (मृदा) प्लान फेज-2 के सभी कार्यो की जमीनी शुरुआत का दिन तय हो गया है। रूद्र सागर पर पैदल पुल सहित अन्य सभी कार्य 11 अप्रैल से प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। इनके अंतर्गत वर्तमान प्रवचन हॉल और कोटितीर्थ से लगे हुए क्षेत्र में रूद्र सागर शिखर दर्शन स्थल का निर्माण भी होगा। तय डेड लाइन अनुसार कार्य चलते हैं तो अगस्त-2023 तक मृदा प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।

शुक्रवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में महाकाल महाराज क्षेत्र विस्तार योजना के कामों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने मृदा प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण के कार्यो के सम्बन्ध में इंजीनियर्स और कॉन्ट्रेक्टरों से चर्चा की व निर्देश दिए कि मृदा सेकंड फेज के सभी निर्माण कार्य सोमवार 11 अप्रैल से शुरू कर दिए जाएं व सभी साइट्स पर टाइमर लगाकर निर्माण कार्यों की समयावधि की उलटी गिनती प्रारम्भ की जाए। उन्होंने प्रोजेक्ट वार डेड लाइन भी तय की । साथ ही उन्होंने निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य जून-2023 तक पूर्ण कर लिए जाए। बैठक में नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता, स्मार्ट सिटी सीईओ आशीष पाठक, यूडीए सीईओ एसएस रावत, एसडीएम संजीव साहू, महाकालेश्वर मन्दिर के प्रशासक गणेश धाकड़ और अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने बैठक में मृदा सेकंड फेज के महाराजवाड़ा कॉम्पलेक्स के विकास, रामघाट के सौंदर्य में वृद्धि करने के कार्यों, चारधाम मन्दिर और फेसिलिटी सेन्टर के बीच रूद्र सागर में बनने वाले ब्रिज, रूद्र सागर शिखर दर्शन योजना, विभिन्न चार मार्गों के निर्माण, सरफेज पार्किंग व मेघदूत वन के विकास के बारे में विस्तार से चर्चा की तथा इन सभी कार्यों को सोमवार 11 अप्रैल से प्रारम्भ करने के निर्देश दिये हैं।

इन कार्यों का टाइमर शुरू

1. महाराजवाड़ा कॉम्पलेक्स विकास योजना

लागत- 15.81 करोड़ रुपए

महाराजवाड़ा स्कूल का विकास किया जाएगा, इसमें अनुभूति पार्क, चिन्तन वन, शिखर दर्शन आदि बिन्दुओं को ध्यान में रखा जाएगा। इस स्थान को ध्यान केन्द्र के रूप में विकसित करने की योजना है। महाराजवाड़ा स्कूल परिसर स्थित महाकाल थाना आवासीय मकान खाली करने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। महाराजवाड़ा का कार्य मार्च-2023 तक पूर्ण होना है।

2. रामघाट का सौंदर्यीकरण

लागत- 15.67 करोड़ रुपए

रामघाट के सौंदर्यीकरण व पौराणिक महत्व में वृद्धि करने के उद्देश्य से रामघाट विकास की योजना बनाई है। इसके अंतर्गत हरसिद्धि पाल से लेकर बम्बई धर्मशाला तक व्यूइंग गैलरी बनाने की योजना है। दानीगेट, सिद्ध आश्रम व राणौजी की छत्री के पास प्लाजा पब्लिक युटिलिटी व वेण्डर्स के बैठने के स्थान बनाए जाएंगे व अन्य सौंदर्यीकरण के कार्य होंगे। यह कार्य जून-2023 तक पूर्ण होगा।

3. पेडस्टियन ब्रिज

लागत-़16.34 करोड़ रुपए

बड़े रूद्र सागर में चारधाम से लेकर महाकाल मन्दिर तक पेडस्टियन ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। पुल निर्माण के कार्य के लिए आवश्यक सामग्री जुटाकर निर्माण कार्य 11 अप्रैल से प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं।

4. रूद्र सागर शिखर दर्शन

लागत- 13.10 करोड़ रुपए

इसमें वर्तमान प्रवचन हॉल व कोटितीर्थ से लगे हुए हिस्से में गहरीकरण करके शिखर दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। इसी के साथ इमरजेंसी इंट्री व एक्जिट की व्यवस्था भी की जाएगी। योजना अंतर्गत दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कोटितीर्थ के पास से होकर शिखर के दर्शन हो सके, इसकी व्यवस्था की जाएगी। यह कार्य जुलाई-2023 तक पूर्ण होगा।

5. चार रोड निर्माण

लागत- 13.53 करोड़ रुपए

चार रोड का निर्माण किया जाएगा। इनमें नृसिंह घाट से नूतन स्कूल, बड़ा गणेश से चौबीस खंबा, महाकाल मन्दिर से महाकाल चौराहा व सरस्वती शिशु मन्दिर से पार्किंग रोड शामिल है। उक्त चारों रोड की लम्बाई 843 मीटर है व प्रोजेक्ट कास्ट 13 करोड़ 53 लाख रुपए है। निर्माण कार्य अप्रैल-2023 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

6. सरफेज पार्किंग व मेघदूत वन

लागत- 11.15 करोड़ रुपए

यह कार्य 31 मार्च 2023 तक पूर्ण होगा। मन्नत गार्डन वाली 3.25 हेक्टेयर जमीन पर लैंडस्केपिंग, पार्क व सरफेज पार्किंग विकसित की जाएगी। इसमें दुकानें चौपाटी का एरिया विकसित होगा।