
शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्रि आज से, घरों, मंदिरों, आश्रमों और गरबा पंडालों में घट स्थापना की जाएगी।
उज्जैन. शक्ति की भक्ति, आराधना के पर्व नौ दिनी शारदीय नवरात्रि की शुरुआत बुधवार से होगी। मां दुर्गा का आगमन नाव से होगा और हाथी पर मां की विदाई होगी। नवरात्रि के दौरान कई शुभ योग बनेंगे। नवरात्रि में दो गुरुवार आना भी शुभ संकेत है। घरों, मंदिरों, आश्रमों और गरबा पंडालों में घट स्थापना की जाएगी।
लगातार दूसरा साल है जब शारदीय नवरात्र 9 दिनों का रहेगा। प्रतिपदा बुधवार सुबह तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया लग जाएगी। इस बार मां दुर्गा के आगमन का वाहन नौका है। इससे सर्वसिद्धि प्राप्ति होती है। नवरात्रि की शुरुआत चित्रा नक्षत्र में होगी। इस बार शारदीय नवरात्रि में कई सालों बाद शुभ संयोग बन रहे हैं। पर्व के दौरान राज, अमृत और सर्वार्थसिद्धि योग के साथ ग्रहों की स्थिति भी मंगलकारी रहेगी। ग्रह-नक्षत्रों के यह संयोग बहुत खास रहेंगे।
इस बार नौ दिनों की नवरात्रि में दो गुरुवार आएंगे। यह अत्यंत शुभ संयोग है, क्योंकि गुरुवार को दुर्गा पूजा का कई गुना शुभ फल मिलता है। इन विशेष योगों में की गई पूजा-पाठ और खरीदारी अत्यधिक शुभ और फलदायी रहेगी। नवरात्रि में पूजा-पाठ के साथ मांगलिक कार्यों के लिए खरीदारी करना भी शुभ होगा।
मुहूर्त की समयावधि : एक घंटा दो मिनट
शारदीय नवरात्रि 2018 में मां दुर्गा का आगमन नाव से होगा और हाथी पर मां की विदाई होगी। इस बार नवरात्रि घट स्थापना के लिए बहुत ही कम समय प्राप्त हो रहा है। केवल एक घंटा दो मिनट के अंदर ही घट स्थापना की जा सकती है अन्यथा प्रतिपदा के स्थान पर द्वितीया को घट स्थापना होगी। घट स्थापना का मुहूर्त प्रात: 6.22 से 7.25 मिनट तक रहेगा। प्रात: 7.26 बजे से द्वितीया तिथि का प्रारम्भ हो जाएगा यदि प्रतिपदा के दिन सवेरे 6.22 से 7.25 मिनट तक घट स्थापना नहीं कर पाते हैं तो अभिजीत मुहूर्त में 11.36 से 12.24 बजे तक घट स्थापना कर सकते हैं।
कलशयात्रा के साथ घटस्थापना
नगरकोट माता मंदिर में नवरात्रि पर अनेक आयोजन किए जाएंगे। नगरकोट मातृ परिवार द्वारा बुधवार को नगरकोट माता का दुग्धाभिषेक करने के बाद प्रात: 9.30 बजे कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा। 11.30 बजे घटस्थापना कर महाआरती की जाएगी। शाम को 7.30 से नवचंडी महायज्ञ प्रारंभ किया जाएगा। १३ अक्टूबर को दोपहर 3.30 बजे से शीतला माता मंदिर फाजलपुरा से चुनरी यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद नगरकोट माता को चुनरी अर्पित होगी। नगरकोट मंदिर पर नवरात्रि महोत्सव में महायज्ञ, 56 भोग, शृंगार, सुंदरकांड, नगर पूजन और कन्याभोज होगा।
Published on:
10 Oct 2018 08:00 am
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