
उज्जैन में वर्ष 2015 में फ्रीगंज में बाइक सवार दो युवकों ने सिर पर गोली मारकर की थी हत्या, कोर्ट ने पत्नी, प्रेमी और उसके सहयोगी को आजीवन कैद की सजा सुनाई
उज्जैन. फ्रीगंज के बसावड़ा पेट्रेाल पंप के पास चार वर्ष पूर्व एक फाइनेंस कंपनी में काम करने वाली मनीष मीणा की प्रेमी से हत्या करवाने वाली पत्नी मीनाक्षी मीणा, प्रेमी हनीफ पिता अनवर खां निवासी खंदार मोहल्ला उसका दोस्त रिजवान पिता अब्दुल रईस अंसारी निवासी छोटी खंदार नलिया बाखल उज्जैन को न्यायालय ने आजीवन कैद की सजा सुनाई है। वहीं इनके एक साथी इंजमामउद्दीन उर्फ जमाम पिता रफीकउद्दीन निवासी खंदार मोहल्ला नलिया बाखल को सात वर्ष की कैद हुई है। जघन्य व सनसनीखेज हत्या के इस प्रकरण में आरोपी पत्नी मीनाक्षी और उसके प्रेमी हनीफ के रिश्ते और इन दोनों के बीच मोबाइल पर हुई बात पर खुलासा हुआ था। मामले में गंभीरता को देखते हुए भोपाल संचालक अभियोजन पुरुषोत्तम शर्मा ने न्यायिक मार्गदर्शन दिया था।
विवेकानंद कॉलोनी निवासी मनीष मीणा की १८ अगस्त २०१५ को बसावड़ा पेट्रेाल पंप के पास गली में सिर में गोली माकर हत्या कर दी गई थी। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने घटना के बाद थाने पहुंचकर रिपोर्ट लिखवाई थी। मीनाक्षी ने रिपोर्ट में बताया था कि पति मनीष एक निजी फाइनेंस कंपनी में काम करता है। घटना वाले दिन सुबह से उसके मोबाइल पर कोई बार-बार मिलने के लिए फोन कर रहा था। मैं खुद उसे अपनी स्कूटी से बैठाकर सुबह १०.४० बजे टॉवर पर एसबीआई बैंक के एटीएम तक छोड़ कर आई थी। इसके बाद मैं माधवनगर अस्पताल आई थी। बाद में सास ने फोन करके सूचना दी कि जल्द माधवनगर अस्पताल आ जाओ। बाद में भाई ने सूचना दी कि जीजा को गोली मार दी है। उस समय मीनाक्षी ने पुलिस के साथ आरोपियों के नहीं पकड़ाने पर हंगामा किया था। पुलिस पूछताछ में मीनाक्षी ने हत्या के पीछे किसी पर शंका या घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी।
पति को पता चल गया था प्रेस प्रसंग, नौकरी छुड़वाना चाहता था
विवेकानंद नगर निवासी मनीष घर का इकलौता बेटा था। उसकी पत्नी मीनाक्षी एक एनजीओ में काम करती थी। यहां पर उसका हनीफ पिता अनवर खां से प्रेम हो गया था। दोनों के बीच संबंध थे। इसकी जानकारी पति मनीष को लग गई थी। इस पर उसने मीनाक्षी पर नाराजगी जताते हुए उसे नौकरी छोडऩे की बात कही थी। उस समय पत्नी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और वह नौकरी करना चाहती है। जब मनीष ने दबाव बनाया तो उसने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए प्रेमी हनीफ को तैयार किया। बड़ी बात यह कि जिस दिन हत्या हुई मीनाक्षी ने मोबाइल फोन पर हनीफ को बताया कि वह उसे छोडऩे जा रही है।
ऐसे की थी हत्या, दोस्त की बाइक लेकर आए थे
मनीष की हत्या हनीफ और उसके दोस्त रिजवान ने की थी। घटना वाले दिन दोनों बाइक से पहले से ही बंसावड़ा पेट्रोल पंप के पास पहुंच गए थे। टॉवर पर पत्नी द्वारा छोड़े जाने पर मनीष अकेला ही पैदल ऑफिस के लिए निकला था। बाइक रिजवान चला रहा था और हनीफ पीछे बैठा हुआ था। जैसे ही मनीष बंसावड़ा पेट्रोल पंप की गली के पास पहुंचा, हनीफ ने बाइक से ही उसके सिर पर गोली मार दी और भाग गए। मौके पर ही मनीष गिर गया। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी और मनीष को अस्पताल ले गए थे, जहां उसकी मौत हो गई थी। जांच में सामने आया था कि हत्या के प्रयुक्त हुई बाइक इंजमामउद्दीन की थी। जो आरोपी इससे मांग कर लाए थे।
ऐसे खुला था हत्या का राज
मनीष की हत्या की शुरुआती जांच में पुलिस को कुछ समझ नहीं आ रहा था। बाद में ३ सितंबर २०१५ को पुलिस को एक व्यक्ति ने बताया कि करीब ढाई महीने पहले हनीफ को उसके मकान में एक महिला के साथ लोगों ने आपत्तिजनक हालत में पकड़ा था। वह अक्सर एक महिला को अपने खाली मकान में लाता था। इसी सूचना के बाद पुलिस ने मीनाक्षी और हनीफ के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकार्डिंग निकलवाई। इससे दोनों के बीच प्रेम प्रसंग होकर अवैध संबंध होना पाया। वहीं बेगमबाग के जिस एनजीओ में मीनाक्षी काम करती थी वहां के उपस्थिति रजिस्टर में भी गड़बड़ी निकली। पूछताछ में हनीफ ने इसे स्वीकारा भी। वहीं घटना वाले दिन भी हनीफ और उसके साथी रिजवान ने मीनाक्षी को फोन करके मनीष की लोकेशन पूछी थी।
Published on:
14 Nov 2019 07:01 am

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