
traffic jam
उज्जैन. शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को लेकर हर कोई परेशान है। श्रीमहाकाल लोक बन जाने के बाद बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। बहरहाल हर दिन ट्रैफिक जाम हो रहा है। कई धार्मिक स्थलों के आसपास भीड़ और वाहनों की रैलमपेल रहती है। इस मामले को लेकर पत्रिका ने फ्यूचर विजन कॉलेज के विद्यार्थियों और प्रोफेसर्स से खुली चर्चा की। ट्रैफिक मुद्दे पर स्टूडेंट्स ने बेबाकी से अपनी बात रखी।
त्योहारों पर बढ़ जाती है भीड़
पार्किंग की व्यवस्था अच्छी होना चाहिए। शहर में कहीं भी प्रॉपर पार्किंग व्यवस्था का अभाव है। छोटी गलियों में भी फोरव्हीलर ले जाते हैं, उनको रोकना चाहिए। त्योहारों के सीजन में यह समस्या और बढ़ जाती है।
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महाकाल लोक का ट्रैफिक प्लान पहले से बनाना था
डॉ. सुनीता श्रीवास्तव
जो युवा वर्ग स्पीड वाली गाडिय़ों को दौड़ाते हैं, उससे बुजुर्गों को बहुत परेशानी होती है। लड़कियों के पीछे प्रेशर हॉर्न एकदम बजाते हैं, जिससे वे एकदम डर जाती हैं। श्री महाकाल लोक के रहवासी क्षेत्र में आवागमन की व्यवस्था पहले से तय करना चाहिए थी।
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सिग्नल तोडऩे वालों पर प्रॉपर फाइन हो
दामिनी ज्ञानचंदानी
प्रशासन को चाहिए कि सिग्नल तोडऩे वालों का प्रॉपर तरीके से फाइन करे। शहर की लचर यातायात व्यवस्था के लिए हम सभी एक प्रकार से दोषी हैं। बाहर से आने वालों के लिए डिस्प्ले बोर्ड ऐसे हों, ताकि वे आसानी से निकल सकें। भीड़ भरे बाजार में बड़े वाहन नहीं ले जाएं।
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हर चौराहे पर हो ट्रैफिक का सुविधा केंद्र
दुर्गाशंकर सूर्यवंशी
शहर के विभिन्न चौराहों पर श्री महाकाल लोक के लिए सुविधा केंद्रों का निर्माण करना चाहिए। कोई भी व्यक्ति शहर में प्रवेश करे, तो उस स्थान पर आसानी से पहुंच जाए, जहां उसे जाना है। वर्तमान में यदि देखें तो ट्रैफिक में बड़ी असुविधा अतिक्रमण के कारण हो रही है, यदि दुकानों के बाहर जो एक्स्ट्रा जो सामान रख दिया जाता है, उसे हटा देंगे, तो काफी ज्यादा जगह निकल आएगी और इसका दुकानदार पर भी बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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इन्होंने भी रखी अपनी बात
रानू मेहता- पाथ वे पर भी लोग अतिक्रमण करके बैठ जाते हैं, इन्हें हटाया जाए।
कंचन शर्मा- श्रीमहाकाल लोक आने वालों को यह नहीं पता कि कहां से इंट्री करना है, तो पहले बोर्ड लगाइए।
ज्योति पाठक- ट्रैफिक सिग्नल पर नंबर ऑफ व्हीकल किस रोड पर कितने ज्यादा हैं, इसका डिस्प्ले हर चौराहे पर हो।
प्रकाश शर्मा- धार्मिक पर्यटन के हिसाब से ट्रैफिक प्लानिंग में थोड़ा बदलाव जरूरी है। लोगों के रांग साइड आने की आदत को भी बदलना होगा।
विकास झाला- शहर की सडक़ें चौड़ी हों, गड्ढों का रिपेअर होना जरूरी है।
खुशबू राठौर- हर जगह पर कैमरे लगना चाहिए, ताकि दुर्घटना का पता चल सके। संबंधित पर प्रॉपर फाइन होना चाहिए।
मल्हार सक्सेना - सभी लोगों को अवेअर होना चाहिए।
सचिन व्यास- चारपहिया वाहनों को भीड़ भाड़ में नहीं ले जाना चाहिए।
सरगम - हर जगह बड़े वाहन लेकर लोग आ जाते हैं, इन्हें सख्ती से रोकना चाहिए।
अवनि सांखला- सिग्रल का पालन प्रापर होना चाहिए, रेड होने पर भी क्रॉस करके निकल जाते हैं।
मुस्कान परमार- बड़े वाहनों का प्रवेश भीड़ भरे क्षेत्र में नहीं होना चाहिए।
खुशी शर्मा- ट्रॉफिक रूल का फॉलो हम सभी को करना चाहिए। लोगों में इसके लिए अवेयरनेस आए।
साक्षी मल्होत्रा- साइकिल चलाना भी दूभर हो गया। बाइक सवारों को ध्यान से गाड़ी चलानी चाहिए।
साधना दुबे- ड्रायविंग लाइसेंस तभी दें, जब उन्हें ट्रैफिक रूल पता हों। जगह-जगह पर पार्क करने वालों की गाड़ी क्रेन उठाकर ले जाती है, दूसरे दिन फिर उसी जगह गाडिय़ां खड़ी मिलती हैं। इसका पुख्ता इंतजाम किया जाना चाहिए।
Published on:
10 Nov 2022 12:20 pm
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