
जितेंद्रसिंह चौहान
उज्जैन। उत्तरप्रदेश में काशी विश्वनाथ मंदिर का जिस तरह विकास हुआ है उससे बढ़कर श्री महाकालेश्वर मंदिर को संवारा जा रहा है। आने वाले दिनों में महाकाल मंदिर का परिक्षेत्र वर्तमान से बढ़कर आठ गुना हो जाएगा। काशी में ३०० मीटर लंबा भव्य कॉरिडोर बनाया है तो उससे कहीं बड़ा ९०० मीटर लंबा कारिडोर यहां बनाया जा रहा है। मंदिर के सामने चौड़ीकरण से और ज्यादा जगह, रूद्रसागर सौंदर्यीकरण तथा महाकाल कॉरिडोर में भव्य मूर्तियां और म्यूरल्स श्रृद्धालुओंं के लिए आकर्षक का केंद्र बनेंगे। वहीं श्रृद्धालुओं के लिए कई सुविधाएं भी जुटाई जा रही है। न केवल महाकाल मंदिर बल्की रामघाट और क्षिप्रा नदी को भी संवारा जाने की योजना है। खास बात यह कि ५०० करोड़ के चल रहे विकास कार्यों का एक हिस्सा फरवरी २०२२ तक पूरा होने की संभावना है। जब मंदिर के विकास के सभी कार्य पूर्ण होंगे तो यह कहने में अतिशियोक्ति नहीं होगी कि बाबा महाकाल का आंगन प्रदेश का नया काशी बनकर उभरेगा।
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत महाकाल मंदिर का विकास किया जा रहा है। इसमें महकाल मंदिर के अंदर और बाहर निर्माण किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ कार्य ८० फीसदी तक पूरे हो गए हैं। विशेषकर महाकाल मंदिर प्रवेश के लिए ९०० मीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जा रहा है । इस कॉरिडोर को कलात्मकता के साथ हेरिटेज की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। यहां पर भी भव्य मूर्तियां तथा म्यूरल्स लगाए जा रहे हैं। मंदिर में फेसेलिटी सेंटर, मंदिर के बाहर चौड़ीकरण तथा मकानों के अधिग्रहण जैसे काम भी प्रचलित है। मंदिर में हो रहे विकास कार्यों को फरवरी माह में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा भी देखे जाने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री पूर्व में ही कह चुके हैं कि शिवरात्रि पर महाकाल मंदिर को दीयो से जगमगाया जाएगा। इसके लिए मंदिर की समिति अयोध्या में पहुंचकर व्यवस्था भी देख चुकी है। मंदिर में लाइटिंग का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में सिंहस्थ २०२८ से पहले महाकाल मंदिर एक नया वैभल लिए देश दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
यह विकास कार्य जो अवंतिका को बना रहे काशी
मंदिर विस्तार- महाकाल मंदिर का विस्तार करके इस आठ गुना बड़ा किया जा रहा है। वर्तमान में मंदिर २.८२ हेक्टयर में फैला है। अब इसका क्षेत्रफल २०.८२ हेक्टयर हो जाएगा। इसमें छोटे-बड़े रूद्रसागर भी शामिल हो जाएंगे।
फेसेलिटी सेंटर- मंदिर में श्रृद्धालुओं के लिए फेेसेलिटी सेंटर बनाया जा रहा है। इसका ८० फीसदी काम पूरा हो गया है। इसके बनने से श्रृद्धालुओं के लिए तिरुपति धाम जैसी सुविधाएं मिलेगी और दर्शन आसानी से हो सकेंगे।
चौड़ीकरण- महाकाल मंदिर के सामने चौड़ीकरण किया जा रहा है। ११ मकानों का अधिग्रहण किया जा चुका है। वहीं १५२ मकानों के अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रचलन में है। मकानों के अधिग्रहण से मिलने वाली जमीन पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
मार्गोँ का चौड़ीकरण- मंदिर पहुंच के लिए मार्गों का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। चारधाम मंदिर के सामने स्मार्ट रोड को टू-लेन में, हरिफाटक ब्रिज की शाखाओं का चौड़ीकरण तो मंदिर के आसपास की सड़कों का भी चौड़ीकरण किया जाना है। इससे मंदिर पहुंच के लिए आसान मार्ग उपलब्ध होगा। इसके अलावा ३५० वाहनों के लिए पार्किंग बनाया जा रहा है।
महाराजवाड़ा भवन- मंदिर के पास महाराजवाड़ा भवन को हेरिटेज लुक धर्मशाला में विकसित किया जाएगा। यहां पार्किंग के साथ बगीचा व सांैदर्यीकरण किया जाएगा। इसी के साथ महाकाल द्वार को भी करोड़ों रुपए से उसके पुराने रूप में निर्माण किया जा रहा है।
रूद्रसागर- मंदिर के पीछे रूद्रसागर श्रृद्धालुओं के लिए सबसे आकर्षकण का केंद्र रहेगा। रूद्रसागर के चारों ओर हरियाली के साथ घाट बनाए जाएंगे। जहां श्रृद्धालु किनारे बैठ सकेंगे। पक्षियों के लिए टापू, ब्रिज व बोटिंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
लाइट एंड साउंड शो- रूद्रसागर में ही लाइट एंड साउंड शो लगाया जाएगा। अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर लगने वाला लाइटिंग श्रृद्धालुओं को आकर्षित करेगी।
मार्केट...खानपान का ले सकेंगे मजा
महाकाल मंदिर के विस्तारिकरण में महज मंदिर का विकास ही नहीं बल्की श्रृद्धालुओं की सुविधाओं को भी ख्याल रखा जा रहा है। महाकाल परिसर के मुख्य गेट पर इटिकटिंग, फूड कियोस्क, ओपन एयर थियरेट बनाया गया है। ९०० मीटर कॉरिडोर में इ-रिक्शा व पैदल पाथ। थीम पार्क में नाइट गार्डन, सिटिंग एरिया रहेगा। इसके अलावा मार्केट, रेस्टारेंट व अन्य सुविधाएं भी रहेगी।
गंगा की तरह क्षिप्रा स्नान कर आ सकेंगे मंदिर
काशी विश्वनाथ में श्रृद्धालुओं के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है कि वह गंगा स्नान कर सीधे मंदिर पहुंच सकते है। बाबा महाकाल मंदिर में भी श्ऱृद्धालुओं के यह सुविधा रहेगा। क्षिप्रा स्नान कर श्रृद़्धालु महाकाल कॉरिडोर के माध्यम से मंदिर पहुंच सकेंगे। क्षिप्रा में स्वच्छ जल रहने के लिए प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। खान नदी के पानी को रोकने की कवायद हो रही है।
यूं हुआ है काशी का विकास
- काशी विश्वनाथ के विकास के लिए मकानों का अधिग्रहण कर चौड़ा मार्ग बनाया गया है। यहां करीब ३०० मीटर लंबा कॉरिडोर बनाया गया है।
- मंदिर को गंगा नदी से जोड़ा गया है, ताकि श्रृद्धालु स्नान कर सीधे मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंच सके।
- मंदिर परिसर इतना बड़ा कर दिया गया है कि यहां पर ५० हजार श्रृ़दलु एक साथ खड़े रह सकते हैं।
- मंदिर में आकर्षक लाइटिंग की गई जो इसकी भव्यता को बढ़ा रही है।
ंमंदिर ही नहीं...अन्य धर्मस्थल भी संवर रहे
स्मार्ट सिटी के तहत महाकाल मंदिर विस्तारिकरण के साथ ही शहर के अन्य मंदिर व क्षिप्रा घाट को भी संवारा जा रहा है। रामघाट पर लाइटिंग, हेरिटेज लुक देने के साथ यात्रियों के लिए सुविधाएं जुटाई जा रही है। इसके साथ ही मंगलनाथ मंदिर, सिद्धवट, कालभैरव व चिंतामण गण्ेाश मंदिर को भी संवारा जा रहा है। जहां यात्रियों की सुविधा के मान से विकास कार्य किए जा रहे हैं।
इनका कहना
महाकाल मंदिर विस्तारिकरण के तहत विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। फरवरी तक कुछ बड़े कार्य पूरे हो जाएंगे। काशी विश्वनाथ की तरह ही महाकाल मंदिर की भव्यता रहेगी।
- आशीषङ्क्षसह, कलेक्टर
Published on:
22 Dec 2021 09:20 pm
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