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परीक्षा केंद्र छोडऩे से पहले जारी करना था रिजल्ट, घर-घर घूमती रही कॉपियां!

विक्रम विवि के पीएचडीकांड की लोकायुक्त जांच, पत्रिका का बड़ा खुलासा आखिर कैसे हुई थीं गड़बडिय़ां

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परीक्षा केंद्र छोडऩे से पहले जारी करना था रिजल्ट, घर-घर घूमती रही कॉपियां!

परीक्षा केंद्र छोडऩे से पहले जारी करना था रिजल्ट, घर-घर घूमती रही कॉपियां!

अतुल पोरवाल
उज्जैन. विक्रम विश्वविद्यालय की इंजीनियङ्क्षरग अध्ययनशाला में पहली बार 6 मार्च 2022 को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक पीएचडी प्रवेश परीक्षा हुई। इसमें 800 परीक्षार्थी शामिल हुए। नियम के अनुसार परीक्षकों (मूल्यांकनकर्ता) को परीक्षा केंद्र छोडऩे से पहले रिजल्ट जारी करना था, लेकिन रात 10.30 बजे तक कुछ कॉपियां घर-घर घूमती रही। इस वजह से यह परीक्षा, कांड में तब्दील हो गई। विवि की वेबसाइट पर रात 11.15 बजे रिजल्ट अपलोड हुआ। कॉपियों से छेड़छाड़ उजागर हुई तो विवि प्रबंधन ने जांच समिति बनाई। समिति ने कुलसचिव को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें से तीन पन्ने गायब हो गए। जांच समिति ने इस्तीफा दे दिया।
सक्सेना के बयान के अंश...
जांच समिति को दिए बयान में विवि के सिस्टम इंजीनियर कम्प्युटर सेंटर डॉ. विष्णु सक्सेना ने तीन पेज का बयान दिया। इसमें उन्होंने मय प्रमाण उनके पास आए मोबाइल नंबर, समय और चर्चा के अंश दर्ज कराए थे। किसने कितनी बजे, किस मोबाइल नंबर से, कितने समय बात की और क्या कहा स्पष्ट किया था। सक्सेना ने बयान में यह भी स्पष्ट किया था कि वे एसओईटी के डायरेक्टर व आरएसी सदस्य डॉ. गणपत अहिरवार व गोपनीय विभाग के सहायक कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र उचवारे के निर्देशों का पालन करते रहे। जांच समिति को इनकी मोबाइल डिटेल भी सौंपी।
कॉपियों में काट-छांट आ चुकी सामने
परीक्षा के बाद घोषित परिणाम के काफी समय बाद काटछांट वाली कॉपियों के फोटो वायरल हुए थे। इससे स्पष्ट हो गया था कि परीक्षा के बाद कॉपियों से छोड़छाड़ कर कुछ विद्यार्थियों को पास किया गया। इससे यह भी साफ हो रहा है कि एसओईटी के डायरेक्टर डॉ. अहिरवार, आरएसी कमेटी के चेयरमेन डॉ. पीके वर्मा, सदस्य डॉ. वायएस ठाकुर, उप कुलसचिव गोपनीय डॉ. वीरेंद्र उचवारे, अतिथि शिक्षक व पीएचडी विद्यार्थी आशीष सूर्यवंशी, राजेश चौहान, डॉ. सक्सेना आदि इसमें लिप्त रहे हैं।
दो अतिथि शिक्षक पर भी आरोप
जांच समिति में दिए बयान में सिस्टम इंजीनियर डॉ. सक्सेना ने बताया कि एसओईटी के दो अतिथि शिक्षक आशीष सूर्यवंशी व राजेश चौहान ने भी पीएचडी की परीक्षा दी। यह दोनों गोपनीय विभाग से बंद लिफाफा लेकर आरएसी कमेटी के तीनों सदस्स डॉ. अहिरवार, डॉ. वायएस ठाकुर व कमेटी के चेयरमेन डॉ. पीके वर्मा के घर तक विवि के वाहन से उनके साथ रहे। तीनों के घर पर मुझे बाहर खड़ा कर बंद लिफाफा लेकर अंदर गए और बाहर आकर बंद लिफाफा मुझे थमाया।

सक्सेना जी पिक्चर बना रहे
मैंने पीएचडी की परीक्षा जरूर दी, लेकिन इस कांड से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। सक्सेना जी पिक्चर बनाकर खुद बचने के लिए हमें फंसाना चाहते हैं। मैंने उनको फोन किया भी होगा तो रिजल्ट कब आएगा, पूछने के लिए किया होगा। आशीष सर के पास डायरेक्टर सर का फोन आया। आशीष सर ने मुझे बुलाया और हमने उन्हें ठाकुर सर का घर दिखाया। हम विवि के वाहन में नहीं बैठे बल्कि ठाकुर सर का घर दिखाने अपनी गाड़ी से गए थे।
-राजेश चौहान, अतिथि शिक्षक एसओईटी
भोपाल भेजी रिपोर्ट
प्राथमिक तौर पर जिनके बयान जरूरी लगे लेकर जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है। वहां से एडवाइज आने के बाद ही आगे की कार्रवाई पता चलेगी। जांच रिपोर्ट के बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते।
-दीपक सेजवार, टीआइ लोकायुक्त