रुनीजा. बालाजी मंदिर में योग चेतना विज्ञान धर्मार्थ सेवा संस्थान बालाजी धाम रुनीजा में साकेत वासी ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर योगीराज गरुड़दास जी महाराज की स्मृति में महंत भरतदास एवं शीतलदास महाराज के सानिध्य में 26 जुलाई से चल रही ब्रह्म ऋषि हेमंत कश्यप की संगीतमय शिवपुराण कथा का 1 अगस्त को समापन हुआ।
सैकड़ों शिव भक्तों ने धर्म लाभ लिया। विधायक मुरली मोरवाल ने गरुड़ दास जी महाराज के चित्र का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और उसके बाद महंत भरतदास, बद्रिकाश्रम से आए संत शीतल दास महाराज, व्यासपीठ, शिव पुराण का पूजन कर आशीर्वाद लिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आयोजन समिति, शिव भक्तों की मांग पर मोरवाल ने रुनीजा के विकास के लिए दो निर्माण कार्यों के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा की और कहा कि शीघ्र ही रुनीजा में ग्रामीण चौपाल चबूतरा और सीमेंट कांक्रीट का निर्माण विधायक निधि से किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि महेंद्रसिंह राणावत मोनू वेद सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कथा विश्राम के पूर्व महंत भरतदास ने व्यास पीठ का पूजन कर कथा व्यास का सम्मान किया। आयोजन समिति के ओर से कथा यजमान नन्दराम नागर, लालचंद राठौर, भैरूलाल धाकड़ ने सपत्नी महंत भरतदास, व्यास हेमंत कश्यप, सहायक आचार्य पंडित पवन नागर, संगीतकार अक्षय दुबे, आयुष और दीपक पवार का अभिनन्दन कर सम्मान निधि भेट की। जावरा से आईं भागवताचार्य ललिता नागर ने सभी का शाल श्रीफल से सम्मान किया। जयकारों के साथ बालाजी धाम से शोभायात्रा निकली। यात्रा में शिव भक्त नाचते झूमते चल रहे थे। रथ पर कथा व्यास हेमंत कश्यप, महंत भरतदास जी व शीतलदास जी महाराज विराजमान थे। जगह-जगह यात्रा का पुष्प वर्षा कर तो भगवान इंद्र ने हल्की फुहारों के साथ यात्रा व शिव पुराण का अभिषेक किया। यात्रा के बालाजी धाम पहुंचने पर महाप्रसादी वितरण की।