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विक्रमोत्सव : कलश यात्रा में दिखा सम्राट विक्रम का शौर्य और वैभव

इतिहास व संस्कृति को जानने के क्षेत्र में अच्छी शुरुआत, कालिदास अकादमी के संकुल हॉल में 9 दिवसीय विक्रमोत्सव का रंगारंग शुभारम्भ

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Vikramotsav begins at Kalidas Academy

इतिहास व संस्कृति को जानने के क्षेत्र में अच्छी शुरुआत, कालिदास अकादमी के संकुल हॉल में 9 दिवसीय विक्रमोत्सव का रंगारंग शुभारम्भ

उज्जैन। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा शुक्रवार को दोपहर 2 बजे कलश यात्रा निकाली गई। छात्र-छात्राओं ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित झांकियां सजाई थीं। बग्घी में दो युवतियां मंगल कलश लिए बैठी थीं। कलश यात्रा जीडीसी कॉलेज से प्रारंभ हुई। वहीं शाम 7 बजे विक्रम स्मृति ग्रंथ (हिन्दी, अंग्रेजी, मराठी) डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित द्वारा प्रकाशित 'संवत प्रवर्तक विक्रमादित्यÓ तथा 'बेताल पच्चीसीÓ पुस्तक का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया।

भारत उत्कर्ष और नवजागरण पर एकाग्र समागम विक्रमोत्सव-2022 का शुभारंभ शुक्रवार शाम 7 बजे प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कालिदास संस्कृत अकादमी के पं. सूर्यनारायण व्यास संकुल हॉल में किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा विक्रमादित्य की स्मृति के माध्यम से महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की स्थापना की है। विक्रम उत्सव इतिहास व संस्कृति को जानने के क्षेत्र में अच्छी शुरुआत है, जो लगातार 17 साल से जारी है। उन्होंने कहा कि ये एक आयोजन मात्र नहीं, बल्कि भारतीय परम्परा का द्योतक है, जहां हम अपने पूर्वजों का पुण्य स्मरण करते हैं और उनके बताए रास्ते पर चलकर देश को नित-नई ऊंचाई तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य शोधपीठ ने विक्रमोत्सव आयोजित कर हमारी एकता को मजबूत बनाने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की है। शोधपीठ का यह प्रयास विश्वभर में सफल होगा। इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति को युवाओं व नई पीढ़ी को परिचित कराने में जरूर सफल होंगे।

स्कूली बच्चों को दिखाएं प्रदर्शनी
विधायक पारस जैन ने उद्बोधन में कहा यह आयोजन राष्ट्रीय एकता के लिए जरूरी है। विक्रम कीर्ति मंदिर के समीप बिड़ला भवन में चित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। इसको प्रतिदिन स्कूली बच्चों को दिखाने ले जाएं। इससे उन्हें ज्ञात होगा कि हमारे वीर पुरुष कौन थे। समारोह के दौरान विक्रमादित्य शोध पीठ द्वारा प्रकाशित शोध ग्रंथों का लोकार्पण राज्यपाल ने किया। समारोह के आरंभ में विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी व विधायक जैन ने राज्यपाल की अगवानी की। कुलपति अखिलेश पांडेय, डॉ. विजयकुमार पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय उपस्थित थे।

कर्नाटक नाटक की प्रस्तुति
विक्रमोत्सव की पहली शाम यक्ष गान शैली में उडिपी कर्नाटक के नाट्य समूह ने पृथ्वीराज कवट्टर के निर्देशन में नाटक "विक्रमार्क" की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शैलेन्द्र शर्मा ने किया, समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

विक्रमोत्सव में आज
नौ दिवसीय विक्रमोत्सव के तहत शनिवार 26 मार्च को शाम 7 बजे से गिरीश मोहंता भोपाल के निर्देशन में सिंहासन बत्तीसी का कार्यक्रम संकुल हॉल में होगा।