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महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्राचीन काले पत्थरों पर यह क्या लगा दिया

अनुशंसा और अपने ही प्रस्ताव का पालन नहीं कर रही मंदिर प्रबंध समिति

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उज्जैन (शैलेष व्यास) महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्राचीन काले पत्थरों के फर्श पर फिर से मार्बल लगा दिया गया है। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति मंदिर की प्राचीनता को कायम रखने के लिए अपने प्रस्ताव और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की अनुशंसाओं का पालन करने में असफल है।
महाकाल शिवलिंग क्षरण रोकने के उपाय और मंदिर की व्यवस्थाओं के संबंध में दायर याचिका को लेकर महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा कुछ प्रस्ताव दिए गए थे। इसमें से एक महाकालेश्वर मंदिर में निर्माण और मरम्मत के संबंध में मंदिर की प्राचीनता को ध्यान में रखकर काम करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसी को लेकर जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा भी अनुशंसा की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी मंदिर की प्राचीनता का ध्यान रखकर दोनों विभागों की अनुशंसा और मंदिर प्रबंध समिति के प्रस्ताव का पालन करने के आदेश दिए थे। मंदिर प्रबंध समिति पिछले दिनों गर्भगृह के पुराने मार्बल को उखाडऩे में इस बात को भूल गई है। पुराना मार्बल उखाडऩे के बाद गर्भगृह में काले पत्थरों का फर्श सामने आ गया था। समिति ने इसके ऊपर फिर से मकराना का नया मार्बल लगवा दिया है।
बदलने के पीछे यह तर्क दिया
गर्भगृह के मार्बल को बदलने के लिए मंदिर समिति की ओर से तर्क दिया गया कि मार्बल खराब हो गया है, इसलिए बदला जा रहा है। गर्भगृह में लगा पुराना सफेद मार्बल पूरी तरह उखाड़ कर निकाला तो इसके नीचे से प्राचीन काल के काले पत्थरों का फर्श उभरकर सामने आ गया था। मंदिर के पुजारी- पुरोहितों के अनुसार पहले गर्भगृह में काले पत्थरों का फर्श ही था। कुछ वर्षों पहले मंदिर के नवीनीकरण के चलते सफेद मार्बल लगाया गया था। इसके खराब होने पर हाल ही में पुराना मार्बल उखाड़कर मकराना का नया मार्बल लगाया है।
प्राचीनता व धार्मिकता का ध्यान रखें
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने महाकाल मंदिर में मरम्मत व निर्माण कार्य की अनुमति तो दी है, लेकिन शर्त यह रखी कि इन कार्यों में मंदिर की प्राचीनता और धार्मिकता का ध्यान रखा जाए। इसके अलावा मंदिर के प्राचीन स्वरूप से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हो। इसके बावजूद मंदिर के गर्भगृह में काले पत्थर के ऊपर फिर से मार्बल लगा दिया है।
हेरिटेज सेल का गठन नहीं
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की अनुशंसा के आधार पर काम करने के लिए महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने हरिकेश हेरिटेज सेल के गठन का प्रस्ताव दिया था। करीब 6 माह पहले भी मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में हेरिटेज सेल के प्रस्ताव को पारित किया था। इसके साथ ही प्रबंध समिति ने महाकाल मंदिर की व्यवस्था के लिए सुप्रीम कोर्ट में जो प्रस्ताव दिए हैं, उनमें से एक हेरिटेज सेल के गठन का भी था। मंदिर प्रबंध समिति अब तक हेरिटेज सेल का गठन नहीं कर सकी है।
आश्चर्य व्यक्त किया था
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लगभग १० से ११ माह पहले महाकाल मंदिर को निरीक्षण करने आए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के दल ने गर्भगृह की दीवारों पर मार्बल देख पूछा था कि मार्बल के पीछे क्या है और मार्बल का बैस क्या है? मंदिर समिति के अधिकारियों ने काले पत्थर पर मार्बल, चांदी की दीवार होने की जानकारी दी। इस पर दल में शामिल विशेषज्ञों व अधिकारियों ने आश्चर्य व्यक्त किया।

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