उज्जैन. संभवत: शहर में पहली बार ऐसा हुआ होगा कि एक पेड़ गिरने पर उसमें बने पक्षियों के घोंसलों को उजाडऩे की बजाय दोबारा से उसी पेड़ पर रखा गया। यहां तक कि पेड़ से पक्षी कहीं ओर नहीं जाए इसके लिए पेड़ को भी नहीं हटाया गया। बड़ी बात यह कि पेड़ के गिरने पर पर्यावरण से जुड़ी संस्थाओं के साथ वन विभाग और नगर निगम की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर पक्षियों का पुर्नवास किया।
पक्षियों के पुर्नवास का यह काम सोमवार को सी-21 मॉल के सामने गिरे बबूल के पेड़ पर किया गया। इस पेड़ पर करीब 500 से अधिक बगुले रहते हैं। इनमें 50 से अधिक घोंसलों में अंडे रखे हुए थे। रात में जब अचानक पेड़ गिरा तो इसकी चपेट में बगुले भी आ गए और उनके घोंसले भी टूटकर नीचे गिर गए है। हालांकि रात में बगुलों के लिए कुछ नहीं किया गया, लेकिन मंगलवार सुबह 7.45 बजे पर्यावरण मित्र समिति, वन विभाग और नगर निगम के उद्यान विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पेड़ पर बने घोंसलों को निकालकर दोबारा से पेड पर ही सुरक्षित स्थान पर रखा गया। वहीं सडक़ पर आ रही डालियों की छंटनी कर पेड़ का यथावत रखा गया। रेस्क्यू के ऑपरेशन में विभाग कार्यवाह पारस गेहलोत पर्यावरण संरक्षण गतिविधि उज्जैन महानगर सयोजक प्रशांत शर्मा, गौरव मालपनी, विकास राज पुरोहित, रविन्द्र उपाध्याय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बगुलों के अंडे देने का समय
बगुले अपना आशियाना बबूल के पेड़ पर ही बनाते हैं। यह सीजन उनके अंडे देने और सींचने के है। लिहाजा जब पेड़ गिरा तो बगुले इसे छोडकऱ नहीं गए। रातभर बगुले पेड़ पर ही जमे रहे, सुबह जब रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया तब भी बगुले वहीं मंडराते रहे। पर्यावरण सरंक्षण समिति के प्रशांत शर्मा ने बताया अंडों के घोंसलों को दोबारा से पेड़ पर रखा गया है, अगले 15 दिन में अंडे फूट जाएंगे। वैसे यह पक्षी प्रवासी भी है। कुछ दिनों के बाद चला जाएगा।
पंप संचालक की खुदाई से गिरा पेड
सी-21 मॉल के सामने गिरे बबूल के पेड़ के आसपास सीमेंटीकरण किया हुआ था। पेड के पास पेट्रेाल पंप संचालक द्वारा खुदाई भी की जा रही थी। इसी कारण पेड़ गिर गया। अब पेट्रेाल पंप सचंालक पर नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
&इंदौर रोड पर एक पेड़ गिरने से इसमें रह रहे बगुले और उनके घोंसलों का रेस्क्यू किया गया है। पेड़ पर रहने वाले सैलानी पक्षी है जो कुछ ही दिनों में चले जाएंगे, इसको ध्यान में रखते हुए पेड़ को हटाया नहीगया है। भारत पेट्रोलियम पंप के सचांलक पर भी कार्यवाही की जाएगी।
– रौशनकुमार सिंह, निगमायुक्त