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नागदा. कानून व्यवस्था की दृष्टि से नागदा का मंडी थाना जिले का सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है। बावजूद इसके पिछले एक साल से ज्यादा समय से यह थाना बल की भारी कमी से जुझ रहा है। इतना ही नहीं उक्त थाने पर आधे से ज्यादा शहर के अलावा करीब 44 गांव की सुरक्षा का जिम्मा है। लेकिन विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि वर्तमान में यह थाना एक एसआइ के भरोसे चल रहा है। पूर्व टीआइ अजय वर्मा के तबादले को एक माह होने को आया है, लेकिन विभाग द्वारा नवांगत टीआइ को नागदा नहीं भेजा गया है। जिसके कारण शहर की कानून व्यवस्था को सूचारू रखना पुलिस के लिए एक बड़ी चुुनौती बनती जा रही है।
कई प्रकरण लंबित
बल की कमी के कारण मंडी पुलिस थाने में लंबित प्रकरणों की संख्या 200 से ज्यादा हो गई है। पर्याप्त बल नहीं होने के कारण बहुचर्चीत नीतेश हत्याकांड के आरोपी पुलिस की पकड़ से बहार है। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा चोरियों की वारदातों का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। दो साल पूर्व महात्मा गांधी मार्ग पर एक सराफा की दुकान पर देशी बम से हमला करने वाला भी अभी तक पुलिस की पकड़ से बहार है। ऐसे कई गंभीर अपराध मंडी थाने में बल की कमी के कारण ठंडे बस्ते में है।
कंजरों के मूवमेंट के बाद भी नहीं मिला बल
पिछले दिनों गांव बैरछा और आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों में कंजरों के मूवमेंट देखा गया था। कंजरों द्वारा लगातार चोरियों की वारदातों से ग्रामीणो द्वारा थाने का घेराव कर पुलिस से सुरक्षा मांगी गई थी। लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी अजय वर्मा ने यह कहते हुए सुरक्षा देने से मना कर दिया था कि उनके पास पर्याप्त बल नहीं है। लिहाजा ग्रामीणों ने कंजरों से मुक्ती के लिए गांव की सुरक्षा का जिम्मा स्वयं ने संभाल कर अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मिसाल कायम की थी।
वर्तमान में मंडी पुलिस थाने में बल की स्थिति-पूर्व थाना प्रभारी अजय वर्मा के स्थानातंरण के बाद से ही टीआइ का पद खाली। इसके अलावा एसआइ के कुल 9 पदों में से वर्तमान में 3 एसआइ पदस्थ इसी प्रकार एएसआइ के स्वीकृत पदों की संख्या 9 जिसमें से 6 पर पदस्थ और 3 खाली, प्रधान आरक्षक की कुल संख्या 12 लेकिन पदस्थ 03 आरक्षकों के लिए स्वीकृत पदों की संख्या 40 है। लेकिन वर्तमान में 24 आरक्षक ही मंडी पुलिस थाने को दे रखे है। वहीं महिला पुलिस आरक्षक की संख्या भी मात्र 3 है।
ऐसी स्थिति में अगर जल्द ही विभाग के आला अधिकारियों द्वारा नागदा जैसे संवेदनशील शहर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद नहीं किया गया तो किसी भी दिन पुलिस बल की कमी क्षेत्र के लोगो को भारी पड़ सकती है।
शहर में दो वर्ष में हुई इन चोरियों का नहीं हुआ खुलासा
२६ जून २०१८
शहर के व्यवस्थम ओझा मार्ग स्थित जयश्री ज्वेलर्स पर चोरों ने धावा बोलकर करीब ५० हजार रुपए के माल पर हाथ साफ कर लिया।
२ जुलाई २०१८
उज्जैन बायपास रोड स्थित राज फर्निचर एंड इलेक्ट्रानिक्स की दुकान पर बीते २ जुलाई को चोरी की वारदात हुई है। जिसमें बदमाशों ने दो लाख के माल पर हाथ साफ कर दिया।
७ जनवरी २०१७
जवाहर मार्ग स्थित नवरंग इलेक्ट्रानिक्स से बदमाश सेमसंग कंपनी के १७ मोबाइल, गल्ले में रखे १० हजार तथा १-१ ग्राम के दो सोने तथा २५ हजार का एक चांदी का सिक्का ले गए। मोबाइल की कीमत २ लाख ४० हजार रुपए थी। सिक्कों की कुल कीमत करीब १० हजार रुपए है।
१० फरवरी २०१७
जवाहर मार्ग स्थित श्रीजी ट्रेडर्स स्टोर से बदमाशों ने ड्रायफूट व गल्ले में रखे लगभग २४ हजार तथा ४ चांदी के सिक्के ले गए। कुल सामान की कीमत ३५ हजार रुपए बताई जा रही है।
९ अगस्त २०१७
गुलाब बाई कॉलोनी में ९ अगस्त रात को राधेश्याम भट्ट के सूने मकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसकी कीमत करीब 2 लाख 50 हजार से अधिक है।
२४ अगस्त २०१७
वार्ड २१ स्थित रतन्याखेड़ी मार्ग पर कैलाश पिता नागू पाटीदार के मकान को चोरों ने निशाना बनाया। चोर २० हजार नकद व घरेलु उपयोग का सामान चोरी कर ले गए।
२७ अगस्त २०१७
रेलवे स्टेशन चौराहे स्थित सुर मंदिर मोबाइल दुकान से बदमाशों ने ८० मोबाइल उड़ा लिए। इनकी कीमत १३ लाख ७६ हजार बताई गई है।
२५ जून २०१६
२५ जून २०१६ रात को चोर अनिक कांठेड के मकान में घुसे, यहां से २ सोने की चेन, ३१५०० रुपए नकद व ३ मोबाइल के साथ २०-२० ग्राम के दो सोने के आभूषण ले गए। बदमाश उक्त स्थान से २ लाख रुपए का माल ले गए। इसी प्रकार सुनील रघुवंशी के घर से बदमाश नकद रुपए व एक मोबाइल। तीसरी वारदात में चोर रानी बाई लक्ष्मी मार्ग स्थित विपिन वागरेचा के मकान से एक मोबइल ले गए थे।
Published on:
25 Aug 2018 08:02 am

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