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उज्जैन नगर निगम ने क्यों दिया वीडी क्लॉथ मार्केट के व्यापारियों को नोटिस..जानिए हकीकत

मार्केट के दो दर्जन से अधिक व्यापारी को भूसंपत्ति के दस्तावेज सहित सात दिनों में किया तलब

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Why Ujjain nagar nigam gave notice to the traders of VD market.

मार्केट के दो दर्जन से अधिक व्यापारी को भूसंपत्ति के दस्तावेज सहित सात दिनों में किया तलब

उज्जैन. पौराणिक गोवर्धन सागर की जमीन की आंच अब विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट तक पहुंच गई है। नगर निगम की और से मार्केट के करीब दो दर्जन से अधिक भूवन स्वामियों को नोटिस दिए गए है। नोटिस में भवनस्वामियों द्वारा सागर की भूमि पर पक्के व अस्थायी निर्माण करना बताया गया है। वहीं नोटिस में भवन स्वामियों से सात दिन में मय दस्तावेज के अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।
गोवर्धन सागर की भूमि सर्वे क्रमांक १२८१ को लेकर हाल ही में एडीजे कोर्ट ने सागर की भूमि करार देत हुए सरकारी माना था। वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी सागर किनारे के अतिक्रमण हटाने क ेनिर्देश दिए हैं। इसी के बाद से राजस्व विभाग की ओर से प्रस्तुत की रिपोर्ट के बाद नगर निगम द्वारा सागर की जमीन पर किए गए निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी किए जा रहे है। अब तक निगम द्वारा करीब १०० से अधिक अतिक्रमणकारों को नोटिस दिए गए हैं। इसमें मंगलनाथ रोड के आसपास के भवन स्वामी व अन्य लोग है। वहीं अब विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट के भी २५ से अधिक भवन स्वामियों को नोटिस भेजे गए। नोटिस में कहा गया है कि भूमि सर्वे क्रमांक १२८१,कुल रकबा ७.७१६ हेक्टयर में से १.१५० हेक्टयर पर स्थायी एवं अस्थायी निर्माणों का पटवारी व राजस्व निरिक्षक द्वारा चिन्हांकित किया गया है। सीमांकन के दौरान यहां हुए स्थायी व अस्थायी निर्माणों की सूची प्रस्तुत की गई है। इस सूची में वीडी क्लॉथ मार्केट में बने भवन भी शामिल है । ऐसे में सात दिन की अवधि में अतिक्रमण के संबंध में अपना स्पष्टीकरण मय दस्तावेजों के प्रस्तुत करें।
नोटिस के बाद क्षेत्र में हडक़ंप
नगर निगम के द्वारा गोवर्धन सागर की सर्वे भूमि क्रमांक १२८१ को लेकर जारी हुए नोटिस से क्षेत्र के भवन स्वामियों में हडक़ंप मचा हुआ है। दअरसल कई नोटिस उन भवन स्वामियों को भी मिले हैं, जिनके मकान सालों से बने हुए है। इसमें कुछ मकान कई बार विक्रय भी हो चुके हैं। नोटिस को लेकर क्षेत्रवासियों ने निगम सभापति से अपनी आपत्ति भी दर्ज करवाई है। हालांकि निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सभी की सुनवाई के उपरांत ही आगे कार्रवाई की जाएगी।

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