25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस : पैमाने पर तो खरे उतरे, लेकिन मानकों पर टिके रहना चुनौती

उज्जैन शहर को राष्ट्रीय स्तर पर मिली है विशेष पहचान

2 min read
Google source verification
World Food Safety Day: The scale has come true, but the challenge is t

उज्जैन शहर को राष्ट्रीय स्तर पर मिली है विशेष पहचान

उज्जैन. शहर के कई स्थान सुरक्षित और स्वस्थ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के कारण देशंभर में ख्यात हैं। यह ऐसे स्थान हैं जिन्हें भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) द्वारा ईट राइट सर्टिफाइट किया गया है। अपनी गुणवत्ता और जागरुकता के चलते हम सुरक्षित खाद्य आदतों के पैमाने पर तो खरे उतरे लेकिन अब इस पर टीके रहना भी महत्वपूर्ण है। उज्जैन के लिए यह चुनौती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शहर अपने आप को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहा है।
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस बुधवार को है। इसका उद्देश्य लोगों में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाना है। अच्छी बात यह कि खान-पान की आदत में बड़ा बदलाव किया है। स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित खाद्य सामग्रियों के निर्माण, विक्रय व उपयोग की संस्कृति विकसित हुई है। शहर सहित जिले में आधा दर्जन से अधिक प्रमुख स्थान एफएसएसआई सर्टिफाइड हो चुके हैं। इनमें उज्जैन व नागदा के रेलवे स्टेशन के साथ प्रमुख धार्मिक स्थल और कुछ निजी होटल भी शामिल हैं। इससे शहर को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है।
कहीं खुले में सामग्री तो कहीं सुरक्षा साधन नहीं
शहर ने एक ओर सुरक्षित खाद्य के विभिन्न पैमानों पर खरा उतर स्वयं की गुणवत्ता और क्षमता को साबित किया है वहीं अब फूड ऑडिट की कमी के चलते कुछ जगह मानकों के पालन में अब कमी भी आने लगी है। विशेषकर खाद्य सामग्री बनाने, पैक करने या परोसने वाले कर्मचारियों द्वारा शुद्धता और सुरक्षा के लिए तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। प्रमाणित स्थानों पर ही कहीं खाद्य सामग्री खुली रखी जा रही है तो कहीं कर्मचारी हैंड ग्लोबज या केप पहने बिना ही कार्य करते नजर आ रहे हैं।
108 स्मार्ट सिटी में 11वें पायदान पर हम
पिछले वर्ष ईट स्मार्ट सिटी चैलेंज स्पर्धा हुई थी। पांच मानकों पर आधारित स्पर्धा में उज्जैन सहित देश के 108 स्मार्ट सिटी ने भागीदारी की थी। शहर ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश में 11वां स्थान प्राप्त किया था।
सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य आदत के लिए जरूरी
- सभी स्टॉल होल्डर के खाद्य लाइसेंस
- परिसर की स्वच्छता
- कर्मचारियों की व्यैक्तिक स्वच्छता
- पानी की जांच
- कच्ची सामग्री की जांच
- कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप
- पेस्ट कंट्रोल रेकॉर्ड
आदत में बदलाव से हमने पाया ईट राइट सर्टिफिकेट
- उज्जैन रेल्वे स्टेशन - जिले का पहला 5 स्टार ईट राइट रेल्वे स्टेशन बना।
- नागदा रेलवे स्टेशन: जिले का दूसरा रेलवे स्टेशन जिसने ईट राइट चैलेंज में 5 स्टार पाए।
- महाकाल मंदिर की प्रसादी: देश का पहला सेफ भोग प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
- चामुण्डा माता मंदिर: भोग सर्टिफिकेशन प्राप्त
- इस्कॉन मंदिर - भोग सर्टिफिकेशन प्राप्त
- कैंपस- पुलिस ऑफिसर्स मेस सहित जिले के 6 कैंपस ईट राइट केंपस के रूप में विकसित हुए।