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विश्व उच्च रक्तचाप दिवस: हर 10वें युवा को हायपर टेंशन, पार्क में चलने से कम होती है समस्या

लंबी बैठक वाले प्रोफेशन में बीपी की समस्या का खतरा अधिक, गर्भवतियों में आम हो रही बीमारी, हाई बीपी में बड़ी समस्या कि यह कई बार बिना लक्षण के शरीर को दिमग की तरह खाने लगती है।

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World Hypertension Day: Every 10th youth has hyper tension

लंबी बैठक वाले प्रोफेशन में बीपी की समस्या का खतरा अधिक, गर्भवतियों में आम हो रही बीमारी, हाई बीपी में बड़ी समस्या कि यह कई बार बिना लक्षण के शरीर को दिमग की तरह खाने लगती है।

उज्जैन.
केस-1
आइटी सेक्टर में कार्यरत ३२ वर्षीय एक युवक लंबे समय वर्क फ्रॉम होक पर हैं। इसलिए घर से निकलना काफी कम हो गया है। कुछ दिनों से सीर में दर्द की समस्या थी जिसे कम्प्युटर स्क्रीन के साइड इफैक्ट समझकर नजरअंदाज करते रहैं। बार-बार समस्या होने पर उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया। जांच में पहली बार पता चला कि युवक हाइपर टेंशन का मरीज है क्यों कि बीपी १७० से अधिक था।
केस- 2
35 वर्षीय युवा व्यसायी को बार-बार घबराहट व चक्कर आने की समस्या होने पर जांच करवाई। युवक उच्च रक्तचाप का मरीज पाया गया। युवक के लिए भी यह जानकारी चौंकाने वाली थी क्योंकि परिवार में अन्य किसी को यह समस्या नहीं है। पूछताछ में पता चला कि व्यवसाय के कारण सिंटिंग अधिक होने के साथ ही रात में देरी से सोना, बाहरी खान-पान भी अधिक होता है।

उज्जैन.
कॉर्पोरेट दौर में वर्क फ्रॉम होम, लांग सिटिंग या लेट नाइट वर्क स्टॉइल भले ही वर्किंग कल्चर का हिस्सा बन गया हौ लेकिन सेहत के लिए यह इतना ठीक नहीं है। खासकर युवाओं को इससे हायर टेंशर की समस्या होने लगी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हर सातवां व्यक्कि उक्त रक्तचाप का शिकार है जबकि हर १०वें युवा को यह समस्या हो रही है। इसका मुख्य कारण, खराब खानपान, अनियमित दिनचर्या के साथ ही तनाव और शारीरीक गतिविधि कम होना है। विशेषज्ञ कहते हैं कि हैल्दी डाइट की तरह पार्क में घूमना, परिवार को समय देना, अपनी हॉबिस के काम करना जैसे छोटे-छोटे बदलाव दिनचर्या में लाकर हाइपर टेंशन की समस्या को कम किया जा सकता है।

स्वयं को दे क्वालिटी टाइम
- पेटिंग, गायन, खेल, पठन-लेखन जैसी कोई भी हॉबी को छोड़े नहीं। हॉबी पूरी करने के लिए समय निकालें।
- पार्क में घुमे।
- परिवार को समय दें।
- कम्प्युटर-मोबाईल से जहां तक हो दूर रहें।
- स्वीमिंग, व्यायाम, प्रणायाम, योग, साइकलिंग आदि शारीरीक गतिविधि करें।

आदत में लाएं बदलाव
- डिब्बा बंद, फास्ट फुड या अनहेल्दी डाइट न करें। घरेलू व पौष्टीक भोजन लें।
- धुम्रपान, शराब सेवन न करें।
- अव्यवस्थित दिनचर्या बदलें। पूरी निंद लें।

एक्सपर्ट व्यू
बिना लक्षण नुकसान, गर्भवती जांच करवाएं
उच्च रक्तचाप समस्या ज्वालामुखी विस्फोट के समान बढ़ रही है। हाई बीपी में बड़ी समस्या है कि यह कई बार बिना लक्षण के शरीर को दिमग की तरह खाने लगती है। किसी को हाई बीपी है तो उसे चार गुना से अधिक दिल की बीमारी, छह गुना से अधिक गुर्दे की, पांच गुना ज्यादा लकवे की, तीन गुना ज्यादा आंखों व दो गुना न सुन पाने की बीमारी होने का खतरा रहता है। इसलिए जरूरी है कि सभी को प्रतिवर्ष स्वास्थ्य जांच करवाना चाहिए। विशेषकर शुगर के मरीज और गर्भवती महिलाओं को कम से हर ३ महीने में बीपी जांच करवाना चाहिए। बीपी की समस्या होने पर इसे बिलकुल नजर अंदाज न करें। चिकित्सक से परामर्श लें। नियमित दवाई लें। जीवनशैली में सुधार करें। सिटिंग जॉब वाले कम से कम हर दो घंटे में कुछ समय के लिए बे्रक लें।
- प्रोफेसर डॉ. विजय गर्ग, वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ

अतिमहत्वकांक्षा से स्ट्रेस, 20 प्रतिशत मरीज युवा
उक्त रक्तचाप के मरीजों में लगातार बढ़ोतरी हो रही। बीते कुछ वर्षों में युवा मरीज अधिक बढ़े हैं। देखने में आ रहा है कि हायपर टेंशन के मरीजो में २० प्रतिशत तक युवा हैं। लाइफ स्टाइल इसका बड़ा कारण है। उन युवाओं में यह समस्या अधिक मिल रही है जिनका कार्य लंबी सिटिंग का है। अतिमहत्वकांक्षा के कारण हम अधिक तनाव ले रहे हैं जिसका बुरा असर हमारे शरीर पर बीपी जैसी बीमारी के रूप में पड़ रहा है। कई युवा ऐसे आते हैं जिन्हें पता ही नहीं होता कि वे हायपर टेंशन के मरीज हैं क्योंकि इससे पहले उन्होंने कभी बीपी की जांच ही नहीं करवाई थी। इसलिए जरूरी है कि भले ही कोई समस्या न हो रही हो लेकिन सभी को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाना चाहिए। खासकर उन लोगों को जिनकी शारीरीक गतिविधि कम है।
- डॉ. एचपी सोनानिया, एमडी फिजिशियन

बीएमआई 20-25 से कम रखें, पैकेट खुलेगा तो पेट फुलेगा
उक्त रक्तचाप की समस्या का सीधा संबंध हमारी पाचन क्रिया से है। जिन्हें कब्जीयत नहीं होती, अमूमन उनका बीपी कंट्रोल रहता है। स्वस्थ रहने के लिए बीएमआइ (बॉडी मास इंडेक्स) २० से २५ के मध्य होना चाहिए। २५ से अधिक होने पर बीपी होने का खतरा रहता है। बीएमआइ के लिए जरूरी है कि हमारी पाचन क्रिया अच्छी हो। इसके लिए बड़े अनाज का आटा, फल, सब्जी जैसे हाई फाइबर डाइट लेना चाहिए। पैकेट बंद या फास्टफूड खान-पान से बचें क्योंकि जितना पैकेट खुलेगा, उतना पेट फुलेगा और हायपर टेंशन को आमंत्रण मिलेगा। दवाई के साथ एक-डेढ़ घंटा योग, स्वीमिंग, जॉगिंग, वॉकिंग जैसी शारीरीक गतिविधि जरूर करें। अधिक पानी पीऐं व नमक के सेवन पर नियंत्रण रखें। बीपी होने पर डाइट में फाइबर फूड शामिल करें। घी या मक्कखन जैसे सेच्युरेटेट फेट्स जो कमरे के तापमान में जम जाते हैं, उनका उपयोग न करें। इनकी जगह कच्ची घानी का तेल उपयोग करें।
- मेघा चंदेल, डायटिशियन

योग का विशेष महत्व
रक्तचाप रक्तवानहनियों में बहते रक्त द्वारा वानहनियों की दीवारों पर डाले गए दबाव को कहते हैं। धमनियां वह नलिका है जो पपं करने वाले हृदय से रक्त को शरीर के सभी ऊतकों और इंद्रियों तक तक ले जाते हैं। रतचाप के नियत्रंण में योग का काफी महत्वपूर्ण हैं। अष्टांग योग का नियमित पालन करते हुए आसन, प्राणायाम, ध्यान के अभ्यास द्वारा रक्त चाप को नियनंत्रत किया जा सकता है। हठ योग की साधना में भी नाडिय़ों के शुद्धिकरण व संतुलन के लिए अभ्यास करवाए जाते हैं।

- मेनका कुरील, योगाचार्य