
समय पर जांच नहीं तो गंभीर परिणाम,40 प्रतिशत से ज़्यादा कैंसर का कारण तम्बाकू,नजरअंदाज किया तो मुंह का छोटा-सा छाला ही कुछ महीनों में बन जाता है जानलेवा कैंसर, फेफड़ों को नुकसान होता है, जो धीमी मौत का कारण बन सकता है।
उज्जैन.
केस- शहर के ४३ वर्षीय राकेश (परिवर्तीत नाम) ने दोस्तों के साथ शौक-शौक में तंबाकू खाना शुरू किया था। यह शौक कब आदत, फिर लत और अब जानलेवा रोग का कारण बन गया, उन्हे भी पता नहीं चला। एक साल पहले मुंह में छोटा छाला हुआ था। कुछ दिन ध्यान नहीं दिया फिर दो-तीन महीने छुट-मुट उपचार करते रहे। तंबाकू से कैंसर होता है, जानते तो थे लेकिन गलतफहमी यही थी कि मुझे यह बीमारी नहीं होगी। परेशानी बढऩे पर जांच करवाई तो राकेश ही नहीं पूरे परिवार सकते में आ गया। तंबाकू के कारण राकेश के मुंह में कैंसर फैल चुका है और अब उपचार मुश्किल है। राकेश की एक लत ने पूरे परिवार को अवसाद में ला दिया है।
खुशहाल जीवन में अचानक कैंसर का जहर घोलने वाली यह हकीकत किसी एक मरीज और उसके परिवार की नहीं,ऐसे कई लोगों की हैं जो तंबाकू के कारण कैंसर पीडि़त हो गए हैं। उज्जैन कैंसर युनिट में ही शहर व आसपास के ५ हजार ७०० कैंसर मरीज रजिस्टर्ड हैं। इनमें से १८०० मरीजों को तंबाकू खाने या धुम्रपान के कारण हेड एंड नेक का कैंसर हुआ है। तंबाकू से कैंसर पीडि़त अधिकांश मरीजों की स्थिति गंभीर है। लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी इस जानलेवा बीमारी से मुक्त नहीं हो पाए हैं वहीं परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। बुधवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस है एक रिपोर्ट-
तंबाकू सेवन के नुकसान
- फेफड़ों को नुकसान होता है, जो धीमी मौत का कारण बन सकता है।
- श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि दमा और अस्थमा।
- मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है, जो उत्तेजना, घबराहट और अधिक तनाव जैसे लक्षणों का कारण बन सकता है।
- बुखार की संभावना बढ़ती है।
- इसमें मौजूद निकोटीन एक खतरनाक रसायन होता है, जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में असर करता है।
- विषमता हो सकती है।
- मुंह के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
- हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
- जीभ या गले के कैंसर का खतरा बढ़ता है।
- गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकता है, जो उनके शिशु के विकास में नुकसान पहुंचा सकता है।
तंबाकू से ऐसे बचने का प्रयास करें
- तम्बाकूयुक्त सारी वस्तुएं अपने पास से हटा दें।
- सप्ताह में तम्बाकूरहित एक दिन की शुरूआत करें।
- अपनी दिनचर्या में बदलाव लाएं और सुबह सैर के लिए जाए।
- ऐसे लोगों से दोस्ती रखें जो आपकी आदत छुड़ाने में मदद करें।
- अपने पास सौंफ, मिश्री, लौंग या इलायची रखें।
तलब लगे तो यह करें
- तम्बाकू के उपयोग में देर करें।
- लंबी सांसे लें।
- धीर-धीरे पानी पियें।
- अपना ध्यान किसी दूसरी और लगाएं।
- उन जगहों और लोगों से दूर रहे, जो तम्बाकू की तलब की याद दिलायें।
- अपना इरादा पक्का रखें।
एक्सपर्ट व्यू
सबसे अधिक बीमारी देने वाले पदार्थ
तंबाकू और इससे युक्त पदार्थ आज के समय में सबसे ज़्यादा बीमारी पैदा करने वाले पदार्थ हैं। कैंसर, हृदय रोग, किडनी की बीमारी या नाक कान गला की बीमारियां सभी प्रकार की बीमारियों में तंबाकू प्रमुख कारण बन रहा है। यदि मुंह और गले के कैंसर की बात करें तो 40 प्रतिशत से ज़्यादा कैंसर का कारण तम्बाकू व इससे युक्त पदार्थों का सेवन है। तम्बाकू में 40 से ज़्यादा रसायन होते हैं जो हर प्रकार की बीमारी कराने में सक्षम है। तंबाकू निकोटीन इस प्रकार की बीमारी कराने का कारण होता है, यह शरीर की कोशिकाओं को कैंसर की कोशिकाओं में बदल देता है व कैंसर को पैदा करता है। युवाओं में सिगरेट, पान मसाला की लत लगना बोहोत ज़्यादा सामान्य है जिसकी वजह से भारत वर्ष में मध्य प्रदेश में और मालवा रीजऩ में कैंसर के रोगों दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं।
- डॉ. राजीव गुप्ता, नाक कान गला मुंह कैंसर रोग विशेषज्ञ
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समय पर जांच नहीं तो गंभीर परिणाम
तंबाकू कार्सीनोजन्य होता है। यह कैंसर के लिए खाद का काम करता है। इसलिए तंबाकू का सेवन करने वालों में मुंह, जुबान, जबड़े, गले की अन्न नली का कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। सामान्य तौर पर मुंह में छाला या घाव होना कैंसर का लक्षण होता है लेकिन कई मरीज इसे नजअंदाज कर देते हैं। समय पर बीमारी पता नहीं होने से कैंसर फैल जाता है और फिर ऑपरेशन करना मुश्किल हो जाता है। यदि समय रहते कैंसर का पता चल जाए तो काफी हद तक इसका उपचार संभव है।
- डॉ. सीएम त्रिपाठी, उज्जैन केंसर युनिट प्रभारी
Updated on:
31 May 2023 01:26 pm
Published on:
31 May 2023 01:20 pm
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