
Exhibition of traditional dishes: Rajni's Idli got first place and Gayatri's Kodo Sevai got second place
उमरिया. स्थानीय जनजातीय सामुदायिक भवन में राष्ट्रीय श्री अन्न वर्ष एवं राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत खाद्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में 206 तरह के स्थानीय अनाज, दाल, सब्जियों, कंदो, भाजियों एवं पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ केपी तिवारी ने बताया कि लघु धान्य वर्ष के अंतर्गत हमें मोटे अनाजों को संरक्षित करना है। साथ ही इन से बनने वाले विभिन्न व्यंजनों को भी बढ़ावा देना है, जिससे उनका उपयोग हमारे भोजन में हो सके। श्री अन्न व्यंजनों की प्रदर्शनी में रजनी बैगा कोहका -47 को इडली के लिए प्रथम, गायत्री सिंह बरहाई को कोदो सेवई, पूड़ी एवं चीला के लिए द्वितीय स्थान एवं सीमा बैगा ग्राम खैरा को इन्द्रहर के लिए तृतीय पुरुस्कार दिया गया। उन्होंने आकाशकोट क्षेत्र में कोदो कुटकी उत्पादन की अपार संभावना व्यक्त करते हुए इस क्षेत्र में उक्त अनाजों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। विकास संवाद के जिला समन्वयक भूपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि विकास संवाद गत 8 वर्षों से जिले के आकाशकोट के 25 गांव में पोषण, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, जल संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती पर काम कर रही है। संस्था द्वारा किए गए सर्वे में निकल कर आया है कि हमारे क्षेत्र में अधिकतर परिवारों में भोजन के 10 समूहों में से बमुश्किल दो से तीन समूहों का ही उपयोग हो पा रहा है, जिसका परिणाम कुपोषण और अनिमिया के रूप में दिख रहा है। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए जरूरी है कि भोजन में खाद्य विविधता बढ़े। कम से कम पांच से सात तरह के भोजन समूह का उपयोग होना शुरू हो। सामाजिक कार्यकर्ता नगीना सिंह ने कहा कि संस्था सितंबर माह में राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत दस्तक युवा, महिला एवं किशोरी समूह के माध्यम से घर-घर तक पहुंच कर जन जागरूकता फैलाने का काम किया है, ताकि भोजन में विविधता आए और पारंपरिक अनाज और दालों सब्जियों का उपयोग हो सके। पारंपरिक व्यंजनों का उपयोग बढे व व्यवहार में आए। विभिन्न शासकीय योजनाओं की दी जानकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला बाल विकास के गायत्री त्रिपाठी ने पोषण माह पर चर्चा करते हुए कुपोषण को दूर करने में विभाग के साथ स्थानीय समुदाय एवं संस्थाओं का सहयोग जरूरी है। इस तरह के आयोजन बीच-बीच में होते रहे, जिससे लोगों में जन जागरूकता के साथ साथ में सक्रियता बनी रहती है। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। सभा को संबोधित करते हुए कृषि वैज्ञानिक एवं पोषण विशेषज्ञ विनीता सिंह ने पोषण के विभिन्न आयामों की चर्चा करते हुए स्थानीय स्तर पर पोषण के विकल्पों पर चर्चा की। उद्यानकी से डॉ. मनोज यादव उद्यानिकी विभाग उमरिया द्वारा किये जा रहे कार्यो के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने अंधाधुंध रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग से होने वाले हानि पर चिंता जाहिर की। कार्यक्रम में जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के रावे छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कृषि विज्ञान केंद्र उमरिया एवं विकास संवाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले में कृषि वैज्ञानिक के.के. राणा, सहा. कृषि वैज्ञानिक कुंदन मुवेले, वरिष्ठ साहित्यकारशेख़ धीरज, शंभू सोनी, एफ.पी.ओ. के अध्यक्ष राधेलाल चतुर्वेदी, अपूर्वा तिवारी सहित महिला बाल विकास विभाग के मैदानी कार्यकर्ता, दस्तक समूहों के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
Published on:
01 Oct 2023 04:03 pm
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