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अमानक या एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध न्यायालयीन कार्रवाई के निर्देश

121 नमूने जांचे, 3 अमानक मिले, 12 हजार का अर्थदंड वसूला

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121 नमूने जांचे, 3 अमानक मिले, 12 हजार का अर्थदंड वसूला

121 नमूने जांचे, 3 अमानक मिले, 12 हजार का अर्थदंड वसूला

खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में हुई। कलेक्टर ने खाद्य पदार्थो से संबंधित संचालित प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करने, अमानक या एक्स्पायरी खाद्य पदार्थो का विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध न्यायालयीन कार्रवाई करने, बिना पंजीयन अथवा अनुज्ञप्ति प्राप्त किए प्रतिष्ठान संचालित करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमानक खाद्य पदार्थ मिथ्याछाप खाद्य तथा असुरक्षित खाद्य पदार्थ का विक्रय करने वाले लोगों पर शासन व्दारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा से संबंधित जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा समस्त स्व सहायता समूहों, आंगनबाड़ी एवं सेंटलाइज किचन का खाद्य विभाग से पंजीयन अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं में फोर्टीफाईड भोज्य पदार्थ का उपयोग करने की सलाह दी। बैठक में अपर कलेक्टर शिवगोविंद सिंह मरकाम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया, सीएमएचओ डॉ. एसबी चौधरी, उद्योग विभाग से अमन व्दिवेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग मनमोहन सिंह कुशराम, जिला आपूर्ति अधिकारी बीएस परिहार, उप संचालक कृषि संग्राम सिंह मरावी, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से विनोद मिश्रा, अशासकीय सदस्य अभिषेक अग्रवाल एवं श्याकम गुप्ता, बुध्दराम रहंगडाले, राघवेन्द्र तिवारी उपस्थित रहे।

तीन नमूने पाए गए अमानक


जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मंजू वर्मा ने बताया कि 1 जनवरी 2024 से मार्च 2025 तक जिले में नमूना संग्रहण के 70 के लक्ष्य के विरुद्ध 121 , सर्विलांस नमूना के 280 के विरुद्ध 289, निरीक्षण 120 के विरुद्ध 181 तथा चलित खाद्य प्रयोगशाला ने 89 नमूने संग्रहित किए जिनमें से 86 मानक पाए गए तथा 3 नमूने अमानक पाए गए। वहीं उन्होंने बताया कि 35 नमूने जांच के लिए लंबित है। अपर कलेक्टर न्यायालय में दर्ज किए गए प्रकरणों में से 3 का निराकरण कर 12 हजार रूपए की अर्थदंड वसूली की गई है तथा 3 प्रकरण अनिर्णयित है। जिले में 265 अनुज्ञप्तियां तथा 664 पंजीयन जारी किए गए है जिनसे 13 लाख 90 हजार 600 रूपए की राजस्व प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि असुरक्षित खाद्य एवं बिना लाइसेंस के व्यापपार संबंधी प्रकरणों को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है जिनमें आजीवन कारावास का प्रावधान है।

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