26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बेटे की तरह नर बाघ का लालन-पालन कर रहे मामू

बाघ और इंसान के बीच दोस्ती

2 min read
Google source verification
Like a son, Ma'amu is following the male tiger

बेटे की तरह नर बाघ का लालन-पालन कर रहे मामू

उमरिया. वायरल हुआ एक वीडियो जिसमें दो वर्षीय नर बाघ का मामू नामक इंसान के बीच दोस्ती देखकर लोगो के रोंगटे खड़े हो जाते हैं और हो भी क्यों न। बाघ और इंसान दोनो ही एक दूसरे के प्रतिद्वंदी होते है। पर दोनो के बीच में अगर दोस्ती हो जाए तो अचरज वाली बात तो है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क के बमेरा डेम स्थित वाच टावर मे बने बाड़े का वीडियो है। जिसमें दो बाघ रखे गये थे, जब इन बाघों को इस इनक्लोजर में रखा गया था, तब इनकी उम्र महज कुछ दिन की थी, आज ये दो वर्ष के हो चुके है। जिसमें से एक नर बाघ को हाल ही में व्हाईट टाईगर सफारी मुकुंदपुर भेजा जा चुका है। मामू उर्फ योगेंद्र ङ्क्षसह ने भले ही इन बाघों को जन्म न दिया हो लेकिन मां की तरह पाला जरूर है। बाघ भी मामू को मां की तरह दुलार करते है। दो वर्ष बाघों के बीच रहते हुए , बाघ और मामू के बीच में दोस्ती इस कदर हो गई है कि एक दूसरे को किसी भी प्रकार का कोई भय नही है। बाघ के साथ मामू की अठखेलिया देखते हुए लोग हैरान रह जाते हैं। वन कर्मी योगेंद्र सिंह उर्फ मामू बाघों का हैण्डलर भी है। ए के जोशी फील्ड डायरेक्टर बांधवगढ़ नेशनल पार्क ने बताया कि बाघों का हैंडलर मामू बाघ के शावकों को बहुत छोटी अवस्था से पाल रहा है। जिसके कारण उनके बीच दोस्ती के संबंध प्रगाढ़ हो चुका है। जबकि योगेंद्र सिंह बमेरा डेम के समीप बने वाच टावर में कर्मचारी है। बताया जाता है कि वाच टावर में योगेंद्र सिंह अपनी ड्यूटी करते और उसी भवन के नीचे रह रहे बाघ शावकों की देखभाल भी करते थे। करीब दो साल तक मामू ने बाघ शावकों की देखभाल की है और इन्हें पाला पोसा। इस मामले को लेकर पार्क प्रबंधन ने अपनी सफाई देते हुए उप संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक बाघ शावक का वीडियो वायरल हो रहा है, जो 5 से 6 माह पुराना है। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिखाया गया बाघ शावक को उसके मां के द्वारा छोडने पर पहले ही दिन से पाला गया था, और हैण्डलर वीडियो में दिखाया गया कर्मचारी है। चूंकि बाघ को पहले दिन से पाला गया है इसलिए बाघ ने आत्मीयता प्राप्त कर ली। वर्तमान में बाघ को इंक्लोजर में रखा गया है जहां री बिल्ंिडग की प्रक्रिया जारी है एवं मानव संपर्क को यथा संभव न्यूनतम रखा गया है।