उमरिया। प्रदेश के उमरिया जिले की बांधवगढ तहसील में आज तक गोड आदिवासियों के एक खास तबके के जाति प्रमाण पत्र बनाने में जिम्मेदार आना कानी कर रहे है। वजह बहुत मामूली है। और सुधार के लिए भी ज्यादा प्रयास की जरूत नहीं है। लेकिन इसके लिए आगे आये कौन आदिवासी बाहुल्य जिले के आकाशकोट अंचल के लगभग दर्जन भर गावों के गोड़ आदिवासियो के जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। इसके पीछे सैकड़ों वर्ष पूर्व इन आदिवासियों को गोड़ राजवंश द्वारा दी गई उपाधि मुख्य वजह बताई जा रही है। हलांकि जाति प्रमाण पत्र से वंचित हो रहे गोड़ आदिवासी ने कानूनी रूप से अपना हक प्राप्त करने की कई बार प्रयास किये मगर आज तक प्रशासन द्वारा उन्हें जाति प्रमाण पत्र नहीं प्रदाय किये गए है। जिले के आकाश कोट अंचल के बिरहुलिया, पठारी, मरदर,जगेला, काशपानी सहित करीब 12 गांव के गोड़ आदिवासियों के आरक्षण प्रक्रिया लागू होने के कई दशको बाद आज तक जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए गऐ है। मामला कुछ ऐसा कि जब अंग्रेजी राज था उसी दौरान गोंड़ राजाओं ने यहां के कुछ आदिवासियों को मैमार की उपाधि प्रदान की थी। आदिवासी उसे अपने नाम के साथ जोडऩे लगे और अपने उपनाम गोंड़ की जगह की जगह मैमार लिखना शुरू कर दिया। मेमार गोंड़ आदिवासियों की सामाजिक स्थिति और रहन सहन बिल्कुल गोड़ आदिवासियों के सामान है और एक दूसरे से रोटी बेटी का रिस्ता भी निभाते है साथ ही गोत्र व्यवस्था से लेकर देवी देवता लोक परम्पराओ तक की व्यस्वस्वथा एक सामान होते हुए भी प्रशासन की नजर में ये आदिवासी नहीं है। उमरिया जिले के इस अंचल के आदिवासी को आरक्षरण प्रक्रिया का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इन गांवों के आदिवासी छात्रो को न ेतो छत्रव्रति दी जा रही है और न आदिवासी छात्रावासों में प्रवेश जिसके कारण ये गोंड समाज आदिवासी होते हुए भी खुद को ठगा महसूस कर रहे है। उमरिया जिले के लगभग 25 गांवों में मेमार आदिवासियों की लगभग 25000 की आबादी है। जिले की दोनों विधानसभा आदिवासी आरक्षित होने की वजह से दोनों विधानसभाओं में गोंड़ नेता विधायक है जिले की मानपुर विधानसभा से मीना सिह तीसरी बार विधायक बन चुकीं है तो बांधवगढ से ज्ञान सिह सातवी बार विधायक बनकर राज्य में आदिम जाति एवं अनुसूचित कल्याण मंत्री रहने के बाद वर्तमान में शहडोल लोकसभा क्षेत्र के सांसद है। बावजूत इसके जिले के जाति प्रमाण पत्र से वंचित मैमार आदिवासियों को न्याय नही मिल पा रहा है।