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कवि सम्मेलन में चला गीत, गजल, हास्य, व्यंग्य का दौर, रचनाएं सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

नव वर्ष पर कवि सम्मेलन, स्थानीय कवियों ने पेश की अपनी रचनाएं

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नव वर्ष पर कवि सम्मेलन, स्थानीय कवियों ने पेश की अपनी रचनाएं

नव वर्ष पर कवि सम्मेलन, स्थानीय कवियों ने पेश की अपनी रचनाएं

विठ्ठल नामदेव समाज संगठन उमरिया एवं वीणा पैलेस उमरिया द्वारा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। अनिल नामदेव की अध्यक्षता, कन्हैया नामदेव के मुख्य आतिथ्य तथा अनिल मिश्र के संचालन में आयोजित कवि सम्मेलन में नगर के साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
कवि सम्मेलन में गीत, गजल, हास्य व्यंग्य का दौर चला। हास्य कवि शरद जायसवाल ने अपनी रचना नए साल में मुर्गे ने बांग नहीं दिया, पिया-पिया ओ पिया-पिया ओ पिया सुनाई। गजलकार चंद्रकिशोर श्रीवास्तव चंदन ने न सही आज लिक्खूंगा कल देखना, सिर्फ उनके लिए इक गजल देखना… अनिल मिश्र ने हास्य के दोहे सुनाए कथा भागवत हो रही, चर्चा चारों ओर। भक्तों के ही बीच में, बैठे चप्पल चोर सुनाए। कवि सम्मेलन में महेश अजनबी (छतरपुर), विनोद शुक्ला (चंदिया), सत्येन्द्र गौतम, राजकुमार महोबिया, धीरज, योगेश पांडेय ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। बघेली कवि जगदीश पयासी ने मानवीय स्वभाव पर बात कही- मदद करा मोर कुछ कक्का। शिवानंद पटेल, किशोर नामदेव, मधु गौतम, शिवांश सिंह सेंगर ने भी मोहक प्रस्तुति दी। शंभू सोनी पागल ने भ्रष्टाचार पर अपनी रचना क्या पता हाथी के पीछे बांधकर अभी किस-किस को घसीटा जाएगा माल खाया तोंद दादा की बढ़ी, इसलिए पोते को पीटा जाएगा। जुबेर शेख, राकेश उरमलिया, शारिब पूर्वांचली ने पिता पर अपनी रचना सुनाई। जनसंख्या विस्फोट पर चिंता व्यक्त करते हुए रामलखन सिंह चौहान कहा - बच्चों की खड़ी फौजी जब मांगती है रोटी, कोसता हूं खुद …। करन सिंह, आशीष तोमर, संपत नामदेव ने अपनी रचनाओं से सब का मन मोह लिया। प्रेम शंकर मिर्जापुरी ने बेटी पर मोहक प्रस्तुति देकर श्रोताओं की वाह वाही लूटी। कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के उपाध्यक्ष प्रेमाधार नामदेव, कोषाध्यक्ष राजकुमार नामदेव, सचिव वरुण नामदेव, सह सचिव मिठाई लाल नामदेव, राजेश नामदेव, ऋषिकेश नामदेव, दीपक नामदेव का विशेष सहयोग रहा। अंत में वि_ल नामदेव समाज संगठन उमरिया के अध्यक्ष कैलाश चंद्र नामदेव ने आभार व्यक्त किया।