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शिक्षा में शिक्षक और विद्यार्थी अहम कड़ी

शालाओं में शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने हुई बैठक

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शिक्षा में शिक्षक और विद्यार्थी अहम कड़ी

उमरिया. शिक्षा में शिक्षक और विद्यार्थी दो ही महत्वपूर्ण कडी है। शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु इन्हीं को मेहनत करने की आवश्यकता है। शिक्षा एवं ज्ञान का अंत नही है। शिक्षकों को नियमित अध्ययन करना चाहिए । पढाई के नये नये तरीको से अवगत रहना चाहिए तभी वे अपनी कक्षा में प्रभावी तरीके से अपनी बात विद्यार्थियो के समक्ष रख सकेगे तथा विद्यार्थी उनका अनुसरण करेगे। यह बात अपर कलेक्टर एवं प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बीके पाण्डेय ने गत दिवस शालाओ में शैक्षणिक दक्षता बढाने हेतु संपन्न जिला परियोजना प्रबंधन इकाई की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी उमेश कुमार धुर्वे, एपीसी सुशील मिश्रा, संजय मिश्रा, कुबेर शरण द्विवेदी, प्रमोद पाण्डेय , खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा बी आर सी उपस्थित रहे। अपर कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक पर राष्ट्र निर्माण की जवाबदारी होती है। शिक्षण का कार्य एक चुनौती भरा हुआ कार्य होता है। समस्त बाधाओ को पार करते हुए संस्कारिक एवं गुणात्मक शिक्षा देने वाले शिक्षकों को ही सफल शिक्षक कहा जाता है। शिक्षक के पढाने का ढंग ऐसा होना चाहिए कि विद्यार्थी को उससे आनंद आए। विद्यार्थी नियमित रूप से स्कूल आऐं तथा विषय ज्ञान प्राप्त करे। जिला शिक्षा अधिकारी एवं प्रभारी जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा के नए नए माड्यूल सामने आए है। जिन्हें सीखने की आवश्यकता है। शिक्षक को उंची आवाज में आव भाव के साथ पढाना चाहिए । उनके उच्चारण स्पष्ट होने चाहिए। जिसे स्कूली बच्चें दोहरा सके। स्त्रीलिंग एवं पुलिंग के संबंध में भी जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए। इसके लिए विद्यार्थियों को विभिन्न समूहों में बांट कर समझाइश दी जानी चाहिए। आपने बताया कि गणित विषय की हैंडबुक एवं वर्क बुक में अवधारणाएं दी गई है। एपीसी सुशील मिश्रा ने कहा कि शैक्षणिक वातावरण बनाने की जवाबदारी शिक्षक समुदाय की होती है। उन्होने गत वर्ष दक्षता उन्नयन हेतु किए गए कार्यो की जानकारी दी तथा मानीटरिंग के पश्चात प्राप्त समस्याओ के निराकरण के संबंध में बताया। उन्होने कहा कि वर्तमान में संभव है कि कुछ शालाओं में शिक्षकों की कमी हो या विषयवार शिक्षक नही हों किंतु आकादमिक प्रशिक्षण प्राप्त कर शिक्षक इस समस्यां का निराकरण कर सकते है। एपीसी संजय शर्मा ने बताया कि शिक्षको के दक्षता के आकलन हेतु बेस लाइन और मिड लाइन टेस्ट में मूल्यांकन किया जाता है। इस अवसर पर दक्षता संबंधी विभिन्न बिंदुओ पर चर्चा की गई।