सीएमओ पति पर पार्षदों ने लगाए आरोप, कार्रवाई करने अधिकारियों को लिखा
उमरिया. पार्षदों को अपमानित कर नगरपालिका के भ्रष्टाचार की जांच रोकने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि परिषद में हुए अनियमित खर्च के मामले में नपा के पार्षदों की टीम भंडार ग्रह का सत्यापन करने गई थी। इस दौरान सीएमओ के पति ने पार्षदों अपमानित कर जांच से रोका। अपने साथ हुए बर्ताव की शिकायत पार्षदों ने उच्च अधिकारियों से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
पार्षदों के मुताबिक तकरीबन 50 लाख रुपए की राशि की सामग्री सीएमओ ने नियमों को ताक पर रखकर चहेते ठेकेदारों के माध्यम से की थी। परिषद के सभी 24 पार्षदों ने चार पार्षदों और नगर पालिका के अधिकारियों की संयुक्त टीम से मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे। जांच टीम में दो आदिवासी पार्षदों के अलावा दलित और अल्पसंख्यक समुदाय से भी एक-एक पार्षदों को शामिल किया गया था। जब पार्षद खरीदी गई सामग्री का सत्यापन करने भंडार गृह पंहुचे तो सीएमओ के पति ने उन्हें रोक लिया और उनका अपमान कर उन्हें जांच से रोका। आहत पार्षद बिना जांच किये बैरंग वापस लौट आए। घटना के दौरान सीएमओ पति के बर्ताव का वीडियो भी बनाया गया है। मामले की जांच की बात कही है।