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कुपोषण का दंश खत्म करने गांव-गांव पहुंच रहे वॉलंटियर्स

घर-घर जाकर किशोरियों को हीमोग्लोबिन की जांच कराने दे रहे सलाह

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Volunteers reaching from village to village to end the bite of malnutrition

Volunteers reaching from village to village to end the bite of malnutrition

उमरिया. कमिश्नर राजीव शर्मा की पहल का कुपोषण से निजात पाने के कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के निर्देश पर में संवेदना अभियान कोरोना वालंटियर द्वारा जोर शोर से चलाया जा रहा है। जन अभियान परिषद के पंजीकृत कोरोना वालंटियर के द्वारा आशा कार्यकर्ता के साथ मिलकर गांव-गांव घर-घर जाकर लोगों को समझा रहे हैं कि खून की कमी से महिलाओं को खतरा रहता है और बच्चे कुपोषित पैदा होते हैं इसलिए आयरन की गोली खाएं तथा नियमित तौर पर अपने हीमोग्लोबिन की जांच कराएं ।कमिश्नर ने कहा कि, शहडोल संभाग में कुपोषण से मुक्ति एवं मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संवेदना अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, संवेदना अभियान की अवधारणा जन-जन तक पहुंचना चाहिए तथा संवेदना अभियान का लाभ जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए। कोरोना वालंटियर हिमांशु तिवारी ने बताते हुए कहा कि कमिश्नर राजीव शर्मा व उमरिया कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव निर्देश पर हमारे द्वारा संवेदना अभियान में जोर देते गांव गांव व घर घर जाकर लोगों को कुपोषण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है एवं आयरन, सिरप, 6 माह से 5 वर्ष के बच्चों को वितरण किया ।06 वर्ष से 10 वर्ष तक कि बालिकाओं को गुलाबी गोली प्रदान गई ।
11 वर्ष से 19 वर्ष की किशोर और किशोरियो को आरएन की नीली गोली वितरण किया गया एवं उन्हें जागरुक करने का प्रयास किया गया। इस अभियान में ऊषा कार्यकर्ता किरण सिंह,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीमा केवट,कोरोना वालंटियर हिमांशु तिवारी, पारस सिंह, महेंद्र तिवारी, राहुल चंद्रवंशी एवं सभी का योगदान रहा।