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जल संकट : पेयजल के लिए कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं आकाशकोट के ग्रामीण

136 करोड़ की योजना का आज तक नहीं मिला लाभ

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136 करोड़ की योजना का आज तक नहीं मिला लाभ

136 करोड़ की योजना का आज तक नहीं मिला लाभ

जिले के 25 गांवों का समूह आकाशकोट के नाम से जाना जाता है, यहां के लिये 136 करोड़ रुपए की योजना जल निगम के हवाले कर दी गई है। बावजूद इसके ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आता है लेकिन जल निगम द्वारा कार्य पूर्ण होने का दावा कर रहा है। पानी की समस्या से परेशान होकर आकाशकोट के ग्रामीण नर्मदा जल लाओ संघर्ष समिति बना कर बाबा साहब अम्बेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद रैली निकाल मुख्यमंत्री के नाम 6 सूत्रीय ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा है।


ज्ञापन में नर्मदा जल लाओ संघर्ष समिति ने मांग की है कि नर्मदा नदी से आकाश कोट में जल लाया जाए जिससे पीने एवं किसानों को खेती के लिए पानी मिल सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल समस्या के निदान के लिए अतिरिक्त टैंकर से पीने के पानी की व्यवस्था कराई जाए। मजमानी कला एवं पठारी कला में मौजूद उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति करने, मजमानी कला में प्रिमैट्रिक कन्या छात्रावास खोलने, आकाशकोट क्षेत्र में जितने भी शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय जर्जर स्थिति में हैं उनकी तत्काल मरम्मत करवाने, ज्याम माली में लगा ट्रांसफार्मर तीन महीने से खराब होने के कारण नल जल योजना बंद है, उसको अतिशीघ बदलने ज्ञापन में मांग की गई है।


बताया गया कि आदिवासी बाहुल्य आकाश कोट क्षेत्र में 25 गांव है जो पूरी तरह आदिवासी बाहुल्य है। यहां आज तक पानी की समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है। यहाँ के ग्रामीण कई किलोमीटर दूर पहाड़ से नीचे उतर कर गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। आकाश कोट अंतर्गत मजमानीकला, बिरहुलिया, मरदरी, करौंदी, पठारी कला, बाजाकुण्ड, धवईहर, जंगेला, तुम्मादादर, माली, हर्रई, अमुवारी में पानी की अधिक समस्या है।