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आखिर ऐसा क्या किया इस पाकिस्तानी कप्तान ने जिससे बन गया इतिहास

पाकिस्तान टेस्ट टीम कप्तान मिस्बाह उल हक को साल 2016 के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड दिया गया। 42 वर्षीय मिस्बाह पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं जिन्हें इस अवॉर्ड से नवाजा गया।

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Shruti Mishra

Dec 23, 2016

Misbah ul haq

Misbah ul haq

नई दिल्ली।
पाकिस्तान टेस्ट टीम के कप्तान मिस्बाह उल हक ने आईसीसी अवॉर्ड घोषित होते ही इतिहास रच दिया। दरअसल मिस्बाह को साल 2016 के लिए इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह अवॉर्ड पाने वाले मिस्बाह पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं।


42 वर्षीय मिस्बाह ने इस अवॉर्ड को जीतने के बाद कहा कि मैं यह अवॉर्ड जीतकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। इस साल आईसीसी टेस्ट गदा उठाना और फिर यह सम्मान मेरे करियर की दो बड़ी उपलब्धियां हैं। यह हर खिलाड़ी के लिए एक संदेश है कि उम्र का कोई फर्क नहीं पड़ता अगर खिलाड़ी अपनी फिटनेस बनाए रखे और इंटरनेशनल लेवल पर अच्छा प्रदर्शन करता रहे।


मिस्बाह ने कहा कि एक टीम के तौर पर हम अच्छी खेल भावना और सकारात्मकता से खेले हैं। हम इस माइंडसेट के साथ खेले कि विरोधी टीम को चुनौती देते हुए हमें लोगों का मनोरंजन करना है। हमें अच्छा लगा कि इसे नोटिस किया गया।


मिस्बाह की ही कप्तानी में पाकिस्तान इस साल नंबर चार से नंबर वन टेस्ट टीम की पोजिशन हासिल करते हुए ICC गदा पाई थी। पाकिस्तानी टीम बिना सरजमीं पर खेले ही टेस्ट में नंबर एक रैंकिंग तक पहुंची थी। मिस्बाह की ही कप्तानी में पाकिस्तानी टीम ने असली खेल भावना का परिचय दिया। 2011 में यह अवॉर्ड टीम इंडिया के कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने जीता था। इसके बाद डेनियल विटोरी (2012 ), महेला जयवर्धने (2013), केथरिन ब्रंट (2014) और ब्रेंडन मैक्कुलम (2015) यह अवॉर्ड जीत चुके हैं।




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