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ब्रांड मार्केट में छाने की कोशिशहाल ही में सुरेश रैना ने महेन्द्र सिंह धोनी
के दोस्त की स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी से नाता तोड़कर एक
नई कंपनी से तीन साल के
लिए 35 करोड़ का करार किया। रैना ने कहा वे किसी कंपनी में अब नंबर दो नहीं रहना
चाहते। उनसे करार करने वाली कंपनी ने कहाकि अभी तक रैना को मार्केट में पूरी तरह से
पेश नहीं किया गया। रैना ने जिस तरह का बयान दिया उससे वे अचानक से लाइमलाइट में आ
गए। सुर्खियों में रहने से विज्ञापनों के मार्केट में खासी डिमांड होती है और रैना
का बयान इस डिमांड की पहली सीढ़ी हो सकती है।

2.कोहली के खिलाफ
बगावत!
रैना भारतीय वनडे और टी20 टीम के महत्वपूर्ण सदस्य हैं लेकिन टेस्ट में तो
वे अब दावेदारों में भी नहीं है। टेस्ट टीम की कमान अब विराट कोहली के पास है और
रैना पूर्व कप्तान धोनी के करीबी माने जाते हैं। रैना के इस बयान को कोहली पर
निशाने के रूप में भी लिया जा सकता है। जब तक धोनी थे कई मौकों पर टेस्ट में सुरेश
रैना को टीम इंडिया में जगह मिली। यहां तक पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरिज
में भी रैना शामिल हुए और एक टेस्ट खेला भी। लेकिन बदले हुए नेतृत्व में रैना अकेले
पड़ गए हैं और कोहली टीम में पांच गेंदबाज खिलाना चाहते हैं। इसे देखते हुए रैना को
जगह मिलना मुश्किल है।
3. टेस्ट टीम में वापसी की कोशिशसुरेश रैना ने
अपने बयान के जरिए टेस्ट क्रिकेट में वापसी का दावा भी पेश किया। भविष्य में अगर
वर्तमान टीम का कोई सदस्य फ्लॉप रहने की स्थिति में रैना ने अपने बयान के जरिए
चयनकर्ताओं को उनके नाम पर विचार करने का मौका बनाया है। अपने बयान से रैना एक तरह
से खुद को मौका दिए जाने का चैलेंज भी दे रहे हैं।