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मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. कोरोना संक्रमण में सोशल डिस्टेंस के नियम-कायदें और स्व विवेक राजनीतिक दलों के नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं ने किनारे कर रखे है। कोरोना के बढ़ते केस और जिला प्रशासन की गाइड लाइन को भी इन राजनीतिक दलों के लोगों ने अलग-थलग पटक दी। भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ने कोरोना के इस संकट के बीच एकत्रित होने का काम किया है। पिछले दिनों जब भाजपा के तीन पदाधिकारी पॉजिटिव आए तो सबकी नींद उड़ गई और सब जो भीड़ के बीच थे वे सब घबरा गए। जिला प्रशासन को भी भीड़ एकत्रित होने की जानकारी होने और कलक्टरी के बाहर जमा होने से कोई छिपा नहीं था लेकिन कोई सख्ती नहीं दिखाई। भाजपा ने बाद में सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए थे लेकिन उसके बाद भी कुछ प्रमुख पदाधिकारी घर की बजाय सूरजपोल डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि देने पहुंचे।
दोनों दल पीछे नहीं रहे
भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही दल पीछे नहीं रहे। वे पार्टी के कार्यक्रम हो या नेताओं के जन्मदिन व पुष्पांजलि को लेकर भी कार्यकर्ताओं को जुटाया। इस तरह के आयोजनों से जनता में जहां एक तरफ कोरोना की गाइड लाइन की पालना को लेकर भी गलत संदेश गया। भाजपा के तीन पदाधिकारियों के संक्रमित मिलने के बाद भाजपा हो या कांग्रेस सभी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चिंता हुई कि सावधानी जरूरी है लेकिन कुछ पल बाद सब भूल जाते है।
भाजपा-कांग्रेस में यहां जुटे थे कार्यकर्ता
भाजपा
- 27 जून : वर्चुअल रैली
- 29 जून : मोदी सरकार की उपलब्धियों की पुस्तक का विमोचन
- 25 जून : आपतकाल दिवस के आयोजन
- 8 जून : भाजपा बूथ सम्पर्क महाभियान
कांग्रेस
- 29 जून : पेट्रोल-डीजल के दामों पर प्रदर्शन
- 26 जून : शहीदों को श्रद्धांजलि
- 19 जून : राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन सादगी
- 11 जून : राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम
कटारिया पहले कह चुके एक भी संक्रमित हो तो बताओ
पिछले दिनों गडकऱी की वर्चुअल रैली को लेकर राजसमंद गए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने मीडिया से बातचीत में एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘हमारी इतनी वर्चुअल रैली हुई है, एक भी कार्यकर्ता संक्रमित हुआ हो तो बताओ।’ इधर, वर्चुअल रैली में तीन जनों के संक्रमित निकलने के बाद भाजपा के कई नेताओं की चिंता बढ़ गई।
Published on:
08 Jul 2020 12:20 pm
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