
Vikas Dubey
लखनऊ. कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) का मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) कल तक जिले क्या कानपुर के चौबेपुर थाने (Chaubeypur Police Station) के टॉप 10 अपराधियों की सूची में नहीं था। आज वह प्रदेश के टॉप तीन लिस्ट में शामिल हो गया है। आठ पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या करने वाला कुख्यात बदमाश विकास दुबे हत्या, फिरौती और रंगदारी जैसे 71 मुकदमों में आरोपी है, बावजूद इसके वह पुलिस की हिट लिस्ट से गायब था। इसका खुलासा सीएम योगी की बैठक में हुआ था।
विकास दुबे अब टॉप तीन अपराधियों की हैं। उसके ऊपर ढाई लाख का ईनाम घोषित है। इसके अतिरिक्त दो और अपराधियों पर ढाई लाख रुपये का ईनाम है। मेरठ का मोस्ट वांटेड बदन सिंह बद्दो व पश्चिमी यूपी में मुनीर के साथ मिलकर लूट की बड़ी बड़ी वारदातों को अंजाम दे कर फरार हो जाने वाला आशुतोष।
विकास दुबे का नाम लिस्ट में शामिल न होने के कारण भी पुलिस ने उसे हल्के में लिया। इस बात को अस्तपाल में अपना इलाज करा रहे बिठूर एसओ ने भी माना। उसका कहना है कि टीम ने मामले में गंभीरता से नहीं लिया था। वरना इतनी बड़ी वारदात न हो पाती। ब्रिफिंग का काम चौबेपुर थाने के एसओ का था, जिसके क्षेत्र में का यह मामला था। हम लोग तो केवल सहयोग करने के लिए गए थे। कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने साफ कहा कि चौबेपुर एसओ को हमें बताना चाहिए था कि विकास दुबे किस किस्म का अपराधी है। सिंह ने कहा कि विनय एनकाउंटर के दौरान सबसे पीछे थे। इस हत्याकांड के बाद चौबेपुर एसओ विनय तिवारी को निलंबित भी कर दिया है।
कानपुर के एसएसपी दिनेश पी को भी यह नहीं पता था कि जिस आरोपी के घर पुलिस दबिश के लिए जा रही है वह कितना बड़ा बदमाश है। उसके खिलाफ कितने मुकदमे दर्ज हैं।
Published on:
07 Jul 2020 10:51 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
