
पूर्व जनप्रतिनिधि को गंगा से प्रेम नहीं था- विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
उन्नाव. अन्ना जानवर आज किसानों के लिए जीवन मरण का प्रश्न बन चुका है। इसके साथ ही कटीले तारों की बैरीकेटिंग अन्ना जानवरों को गंभीर रूप से घायल कर दे रहा है। प्रदेश की योगी सरकार अन्ना जानवरों के लिए बड़े-बड़े गौशाला वाले बनाने का निर्णय ले रही है। इसी क्रम में बांगरमऊ से विधानसभा का नेतृत्व करने वाले विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने अन्ना जानवरों से किसानों को बचाने के लिए दो गौशाला निर्माण करने की जानकारी दी। जिसमें एक नगर पालिका क्षेत्र में होगा जबकि एक बड़ा गौशाला ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि चिन्हित करके बनाया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक की इस घोषणा से किसानों में हर्ष की लहर है। उनका कहना है कि किसानों को अन्ना जानवरों से काफी नुकसान होता है। उनकी खड़ी फसल बर्बाद हो जाती है। गौशाला निर्माण से अन्ना जानवरों से मुक्ति मिलेगी और कटीले तारों से उन्हें होने वाला जख्म भी नहीं मिलेगा। किसानों ने बताया कि इन कटीले तारों पर उन्हें अच्छी खासी रकम लगानी पड़ती है।
दो गौशाला निर्माण की तरफ अग्रसर है बांगरमऊ विधानसभा
क्षेत्रीय विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने बताया कि किसानों के लिए अन्ना जानवर एक बड़ी समस्या बन कर सामने आ गई है। जिससे किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो रही है। जिस से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका बांगरमऊ में स्थित सिद्धनाथ मंदिर के बगल में खाली पड़ी जगह पर गौशाला बनाने का निर्णय लिया गया है। गौशाला के लिए जमीन अधिग्रहण कर ली गई है। जल्द ही यह गौशाला बांगरमऊ में बनकर तैयार हो जाएगी जिसमें अन्ना जानवरों को रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त एक और बड़ी गौशाला बनाई जाएगी मौके पर खड़े परगना अधिकारी की तरफ इशारा करते हुए कुलदीप सिंह सेंगर ने कहा कि किसी बड़े गांव में जमीन चिन्हित करा बड़ी गौशाला बनाने का कार्य किया जाएगा। यह बड़ी गौशाला का निर्माण गांव में कराया जाएगा। इसके लिए परगना अधिकारी को जमीन चिन्हित करने को कहा गया है। इनके बन जाने से बांगरमऊ क्षेत्र के किसानों को अन्ना जानवरों से होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी। इस मौके पर उन्होंने नमामि गंगे के अंतर्गत हो रहे कार्यों के विषय में कहा कि यहां के लोगों में गंगा के प्रति अगाध श्रद्धा है। जिसे देखते हुए यहां पर घाट का निर्माण कार्य हो रहा है और प्रतिवर्ष यहां मेला भी लगता है। उन्होंने कहा कि पहले जो जनप्रतिनिधि थे । उन्हें गंगा से प्रेम नहीं था। जिनको गंगा से प्रेम होगा वह यही चाहेंगे कि घाट का निर्माण कार्य इधर हो। गंगा की धारा कानपुर को छोड़ चुकी है । उन्होंने कहा कि घाट के निर्माण कार्य से यहां के लोगों की पुरानी इच्छा पूरी हो रही है। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक के समर्थक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
Published on:
19 Feb 2018 02:45 pm
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