राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष को भाजपा विधायक से पत्र लिखवा कर बीएसए को देना महंगा पड़ गया। बीएसए ने तीन खंड शिक्षाधिकारियों की एक जांच टीम बनाई है। जानें पूरा मामला-
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को लेकर विधायक से पत्र लिखवाना शिक्षक को भारी पड़ गया। जब बीएसए ने राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष पर जांच बैठा दी है। तीन ब्लाक के एसडीआई मामले की जांच करेंगे। महासंघ के जिलाध्यक्ष भरत चित्रांशी ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर उन्होंने बीएसए को पत्र दिया था। जिस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध में सदर विधायक से बातचीत हुई तो उन्होंने बीएसए के नाम पत्र लिख दिया। बीएसए ने जवाब मंगा। उनके जवाब से बीएसए संतुष्ट नहीं हुई और जांच बैठा दी गई।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष भरत चित्रांशी ने बताया कि उन्होंने बीएसए को शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक पत्र दिया था। उनकी समस्याओं में रिटायरमेंट शिक्षकों का भुगतान, शिक्षकों के रोके गए वेतन की बहाली आदि शामिल हैं। जिस पर कोई सुनवाई न हुई। इस संबंध में भाजपा विधायक से बातचीत हुई थे। उन्होंने बीएसए को पत्र लिख दिया। उनका मकसद विभाग की छवि को धूमिल करना नहीं था वह केवल शिक्षकों की समस्याओं का समाधान चाहते हैं। बीएसए ने उनसे लिखित में जवाब मांगा। जो दे दिया गया है।
तीन एसडीआई की बनाई गई टीम
बीएसए ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी बिछिया के नेतृत्व में जांच टीम बनाई गई है। जिसमें हिलौली और फतेहपुर 84 के खंड शिक्षा अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। जिनसे 15 दिनों में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। भारत चित्रांशी ने कहा है कि वह जांच टीम के सवालों के जवाब देने को तैयार हैं।