
उन्नाव गैंगरेप पीड़ित लड़की के पिता को जेल भिजवाने वाला लापता, सीबीआई को ढूढ़ने में छूट रहे पसीने
उन्नाव. हाईकोर्ट से मिली फटकार के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने दुष्कर्म पीड़िता के पिता के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराने वाले शख्स की तलाश में तेजी लाई है और माखी गांव में सघन तलाशी ली। फिलहाल उसका कहीं पता नहीं चला है। वहीं दूसरी तरफ सीबीआई की मांग पर जिला प्रशासन ने उसके रुकने की व्यवस्था के लिए कई स्थानों के नाम सुझाया है। फिलहाल सीबीआई रेलवे के गेस्ट हाउस को कैंप कार्यालय बनाने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही सीबीआई को उनकी मांग पर अन्य संसाधन भी जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
सीबीआई ने फिर की पूछताछ
केंद्रीय जांच ब्यूरो लगातार अपनी पूछताछ में तेजी ला रही है। उन्नाव दुष्कर्म घटना में दुष्कर्म पीड़िता के चाचा द्वारा उठाए गए सवालों पर पूछताछ कर रही है। जिसमें उसने कहा था कि विधायक के यहां कार्य करने वाला टिंकू जो उसका चचेरा भाई है लापता है। टिंकू ने ही माखी थाना में दुष्कर्म पीड़िता के पिता के खिलाफ मारपीट का मुकदमा पंजीकृत कराया था। जिसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार किया था। बाद में जेल में निरुद्ध रहते हुए टिंकू सिंह की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसी दिन 24 घंटे के अंदर उसकी मौत हो जाती है। जब दुष्कर्म पीड़िता अपने परिजनों को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह करने पहुंचती है।
रेलवे गेस्ट हाउस बन सकता है सीबीआई का स्थाई कैंप कार्यालय
दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने टिंकू सिंह के गायब होने की खबर कई बार सीबीआई और मीडिया के सामने रखा है। परंतु उसकी तलाश नहीं की गई। हाई कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के बाद मिली फटकार से सीबीआई सक्रिय हुई और टिंकू सिंह की खोज में लग गई। माखी गांव में उन्होंने छानबीन की। लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। फिलहाल टिंकू सिंह सीबीआई के लिए सिरदर्द बना हुआ है। इधर सीबीआई SP राघवेंद्र वत्स ने पीड़ित परिजनों से दुष्कर्म पीड़िता के चाचा द्वारा सौंपी गई शिकायतों पर जवाब तलब किया। गौरतलब है सीबीआई को पीड़ित परिजनों ने 222 पन्नों की एक फाइल सौंपी है। जिसमें पूरे घटनाक्रम का जिक्र है। जांच में तेजी लाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो ने शहर में ही अपना ठिकाना बनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उन्होंने प्रशासन से बातचीत करते हुए अपनी जरूरतें बताई। जिला प्रशासन ने कदम उठाते हुए नवाबगंज पक्षी विहार में स्थित सरकारी गेस्ट हाउस में अस्थाई कैंप बनाने को कहा था। परंतु सीबीआई ने शहर में ही ऑफिस की जरूरत बताई। गौरतलब है नवाबगंज पक्षी विहार जनपद मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर है। इधर जिला प्रशासन द्वारा सुलझाया गया रेलवे गेस्ट हाउस पर सहमति बनती नजर आ रही है। सीबीआई की डिमांड पर एक स्टेनो और कंप्यूटर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
Published on:
06 May 2018 10:24 am

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