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फसल को नष्ट कर रहे हैं अन्ना जानवर, किसानों ने जिलाधिकारी से फसल बचाने की लगाई गुहार

पशुपालक अन्ना जानवरों को रात के अंधेरे में छोड़ जाते हैं...

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Farmers facing problems due to Anna animal in Unnao UP hindi news

फसल को नष्ट कर रहे हैं अन्ना जानवर, किसानों ने जिलाधिकारी से फसल बचाने की लगाई गुहार

उन्नाव. अन्ना जानवर किसानों के लिए मुसीबत का सबब बन चुके हैं। साथ बेजुबान जानवर किसानों द्वारा लगाए गए कटीले तारों के बीच घुसकर खाने के लालच में खतरनाक तरीके से घायल हो रहे हैं। खून से लथपथ किसानों के लिए कष्टदायक हो रहे हैं। घायल देखकर किसान प्रायश्चित करते हुएके अंदर ही अंदर ग्लानि से भर जा रहा है। लेकिन किसानों की भी अपनी मजबूरी है। अपनी फसल को बचाने के लिए वह कटीले तारों से खेत की चारों तरफ मेड़बंदी करता है। परंतु जानवर तो फिर जानवर ही ठहरे उन्हें क्या मालूम कि कटीले तार के रूप में उनकी मौत सामने खड़ी है।

गौशाला तक ले जाने के लिए संसाधन और किसानों ने मांगी अनुमति

इसी प्रकार का एक मामला जिलाधिकारी की चौखट पर पहुंचा। लगभग आधा सैकड़ा से ज्यादा किसानों ने जिलाधिकारी से आवारा पशुओं के द्वारा नष्ट की जा रही खड़ी फसल को बचाने की गुहार लगाई है। बिछिया विकासखंड के ग्राम बड़ौरा निवासी गणेश चंद्र, नीरज कुमार, राजू त्रिवेदी, प्रमोद कुमार सहित अन्य लोगों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि आवारा जानवर खेतों में बोई गई खड़ी फसल गोकुल लगातार बर्बाद कर रहे हैं। जिससे उनका काफी नुकसान हो रहा है। आवारा जानवरों को अन्य क्षेत्र के पशुपालको द्वारा लोडर में भरकर गांव के किनारे छोड़ दिया जाता है।

संकट में जीवन यापन

रात के अंधेर होने वाले इस कृत्त की जानकारी ग्रामीणों को उस समय होती है, जब उनके खेत मैं बोई गई फसल को आवारा जानवर पूरी तरह नष्ट कर देते हैं। गणेश चंद्र ने बताया कि कई किसानों की फसल दो बार से ज्यादा नष्ट हो चुकी है। परंतु किसान मरता क्या न करता वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए अपने परिवार के जीवन यापन के लिए गेहूं की बुवाई बार-बार कर रहा है। किसानों की समझ में नहीं आ रहा है कि वह करें तो क्या करें। किसान अपनी मेहनत और खड़ी फसल को जाया जाते देख परेशान है। आधा सैकड़ा से ज्यादा किसानों ने कहां है कि यदि लाधिकारी आदेश और संसाधन उपलब्ध कराएं। वह गायों को गौशाला तक छोड़ने को तैयार हैं। उनका मानना है कि बिना अनुमति के आवारा जानवरों को ले गए तो बड़ा अपराध बन सकता है। जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र में फरियादियों ने कहा है कि गरीब असहाय किसानों को आवारा जानवरों से बचाया जाए। जिससे उन की फसल और साल भर की कमाई बच सकें।