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नोटबंदी व जीएसटी ने सर्राफा व्यवसाय को किया चौपट

चांदी के सिक्के व गिन्नी की जगह डालर व बने-बनाए जेवर ने लिया  

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उन्नाव. नोटबंदी और जीएसटी ने व्यापार को इस प्रकार प्रभावित किया कि व्यापारी सन्नाटे में बैठे हैं। ग्राहकों के इंतजार में सुबह से शाम हो जाती है। बिना किसी तैयारी के जीएसटी को लाया जाना व्यापारियों के लिए सिर दर्द बन गया है। तमाम बदलाव के बाद भी दिवाली पर जीएसटी व्यापारियों को राहत नहीं पहुंचा रहा है। सर्राफा व्यवसाय भी जीएसटी की समस्याओं से दो चार हो रहा है। इस संबंध में बातचीत करने पर सर्राफा व्यवसाई ने बताया कि नोटबंदी के बाद जीएसटी ने व्यापार की कमर तोड़ कर रख दी है। सोने चांदी का भाव आसमान छू रहा है।

चांदी का एक सिक्का रुपए 750 का बिक रहा है। पहले जहां वेट के रूप में सर्राफा व्यवसाई एक परसेंट का टैक्स देता था, वही जीएसटी के रूप में 3 परसेंट का टेक्स दे रहा है। एक प्रश्न के उत्तर में व्यापारियों ने बताया कि ग्राहक सिक्के या गिन्नी की जगह पक्की चीजों पर ज्यादा विश्वास कर रहा है। जैसे कि जेवर आदि वही सिक्कों की जगह डॉलर स्थान ले लिया है।

विक्टोरिया व जॉर्ज पंचम के सिक्के गुजरे जमाने की बात

दिवाली के शुभ अवसर पर सोने या चांदी के सिक्के का अपना अलग ही महत्व होता है। जिसे जगाने का एक प्रावधान है। परंपरा के अनुसार तमाम परिवार ऐसे हैं जो प्रत्येक दिवाली में सोने या चांदी के सिक्के को खरीदकर पूजा-पाठ करते हैं। अंग्रेजों के जमाने के सिक्के व गिन्नी, मोहर का अपना विशेष महत्व है। अभी भी लोग जॉर्ज पंचम व विक्टोरिया की तस्वीर वाले सिक्के को याद करते हैं।

इस संबंध में बातचीत करने पर सर्राफा व्यवसाई शिशिर गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव बताया था। इसे क्रांतिकारी टेक्स का तमगा दिया गया था। परंतु आज जीएसटी व्यापारियों के लिए गले की हड्डी बन गया है।

बिना किसी तैयारी के जीएसटी को किया गया लागू

उन्होंने बताया कि बिना किसी पूर्व तैयारी के जीएसटी को देश लागू किया गया है। अपनी बात पर वजन रखते हुए उन्होंने कहा कि एक छोटे से छोटे और बड़े से बड़ा कर्मचारी को भी जब नौकरी पर रखा जाता है तो उसे अच्छी खासी ट्रेनिंग दी जाती है। लेकिन यहां बिना किसी प्रकार के प्रशिक्षण के जीएसटी को थोप दिया गया।

भविष्य के लिए तो यह अच्छा हो सकता है। लेकिन जीएसटी के कारण उनका वर्तमान बेकार हो गया है। दिवाली बाजार की स्थिति यह है कि इक्का-दुक्का कस्टमर आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि आज की तारीख सोना रुपए 30700 प्रति 10 ग्राम है। जबकि चांदी 41550 रुपये है। चांदी के एक सिक्के की कीमत 750 रुपए हैं।

शिशिर गुप्ता ने बताया कि ग्राहकों का रुझान अब गिन्नी और सिक्के के जगह पक्के सामान की तरफ हो गया है। जिसमें चांदी के बने डालर व बने-बनाए जेवर शामिल है।