
मुद्रा लोन देने में एसबीआई शाखा प्रबंधक की मनमानी, जानकर आप भी जाएंगे चौक
उन्नाव. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बैंक कर्मचारियों की मनमानी किसी से छिपी नहीं है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में भी धांधली लापरवाही व भ्रष्ट आचरण अपनाने में गुरेज नहीं करते हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं को देने में कतराती हैं। जिससे शासन की मंशा जमीनी हकीकत से दूर रहती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नवाबगंज शाखा द्वारा मुद्रा बैंक के लाभार्थियों से साै - सौ के सात स्टांप पेपर लिए गए। जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल मैनेजर ने बताया कि नियमानुसार दो स्टांप पेपर लेने चाहिए।
मुद्रा लोन - जरूरतमंद का हो रहा शोषण
मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नवाबगंज शाखा का है। जहां बैंक शाखाओं द्वारा मुद्रा लोन देने के बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन सच्चाई है कि जरूरतमंद बेरोजगारों को काफी परेशान करते हैं। इस संबंध में लाभार्थी ने बताया कि उन्होंने नवाबगंज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से मुद्रा लोन लिया है। जहां पर उनसे ₹100 के सात स्टांप पेपर लिए।
रीजनल मैनेजर आरबी त्रिवेदी ने बताया...
इस संबंध में बातचीत करने पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल मैनेजर आरबी त्रिवेदी ने बताया कि मुद्रा लोन के अंतर्गत ₹100 के सात स्टांप पेपर लेने का कोई औचित्य नहीं है। वह भी ₹50000 के मुद्रा लोन पर। उन्होंने कहा कि मामला मेरी जानकारी में नहीं है। इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।
Published on:
02 Feb 2019 08:11 pm
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