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अपहरण के बाद दुष्कर्म, आरोप- कार्रवाई न होने पर नाबालिग किशोरी ने लगाई फांसी, पुलिस ने घटना से किया इंकार

उन्नाव में नाबालिग किशोरी ने फांसी पर लटक जान दे दी। मृतक परिजन ने बताया कि किशोरी के साथ अपहरण के बाद दुष्कर्म किया गया। पुलिस दुष्कर्म की घटना से इनकार कर रही है।

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव में नाबालिग किशोरी का शव संदिग्ध अवस्था में फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक परिजन का कहना है कि उनकी पुत्री का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म किया गया है। जो गंभीर हालत में पुल के नीचे मिली थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं। आरोपियों को पड़कर छोड़ दिया गया। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप गलत है। लड़की के 161/164 के बयान भी हो चुके हैं। जिसमें उसने इस तरह की कोई जानकारी नहीं दी थी। ‌

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घटना बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव की है।
मृतका के पिता ने बताया कि उनकी पुत्री 27 जून को गायब हो गई थी। 29 जून को उनकी पुत्री गंगा एक्सप्रेसवे के पुल के नीचे गंभीर हालत में मिली थी। पुत्री को लेकर थाने गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपियों को पकड़ लिया था। जिन्हें सात आठ दिन जेल में रखने के बाद छोड़ दिया। कार्रवाई के लिए एक व थाने के चक्कर लगाते रहे।

कोई कार्रवाई न होने पर किशोरी ने फांसी लगा ली

पिता के अनुसार पुलिस ने बताया कार्रवाई हो रही। लड़की का मेडिकल भी कराया गया था। लड़की ने बताया कि उसके साथ गलत काम हुआ है। लेकिन लड़कों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने पर लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जिससे भविष्य में किसी और लड़की के साथ ऐसा ना हो।

क्या कहते हैं क्षेत्राधिकारी?

क्षेत्राधिकार बीघापुर ने बताया कि पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप असत्य और निराधार हैं। लड़की के 161/164 के बयान में बताया था कि मैं घर से बिना बताएं चली गई थी। दो दिनों बाद वापस आ गई थी। मुझे कोई बहला-फुसला कर नहीं ले गया था। लड़की के बयानों के आधार पर पाया गया कि उसके साथ कोई गलत काम नहीं हुआ है।‌ फिलहाल पुलिस और पीड़ित परिवार के बयानों में विरोधाभास है। मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।‌