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महाकुंभ 2025: इन छह प्रमुख स्नानों के 3 दिन पहले बंद हो जाएंगी औद्योगिक इकाइयां, जारी हुआ निर्देश

Maha Kumbh 2025 महाकुंभ 2025 के लिए शासन से गाइडलाइन जारी की गई है। जिसके अनुसार औद्योगिक इकाइयों को उत्पादन प्रक्रिया बंद कर देनी होगी। डीएम ने आज संबंधित अधिकारियों और औद्योगिक क्षेत्र के मालिक, प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। प्रमुख स्नान के तीन दिन पहले उत्पादन प्रक्रिया बंद करनी होगी। ‌

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महाकुंभ 2025: जिलाधिकारी की महत्वपूर्ण बैठक

Maha Kumbh 2025 महाकुंभ 2025 को देखते हुए औद्योगिक इकाइयों के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार महाकुंभ के दौरान पड़ने वाले प्रमुख स्नान से 3 दिन पहले सभी उद्योगों में उत्पादन प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी। केवल शुष्क कार्य करने की अनुमति होगी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंगा नदी बेसिन में शून्य उत्प्रवाह निस्तारण आधारित औद्योगिक इकाइयों को शून्य उत्प्रवाह निस्तारित करना होगा। इस मौके पर जिले के आला अधिकारी सहित औद्योगिक इकाइयों के मलिक या उनके प्रतिनिधि मौजूद थे।

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव में जिलाधिकारी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रमुख स्नान पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा, महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होंगे। इस दिन लाखों की संख्या में भक्तों के संगम में आस्था की डुबकी लगाने की संभावना है। इस संबंध में शासन ने गाइडलाइन जारी की है। जिसका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन पर्वों के तीन दिन पूर्व सभी उद्योगों में सूखे कार्यों को छोड़कर अन्य उत्पादन प्रक्रियाएं बंद रहेंगी।‌

ग्रामीण क्षेत्र के लिए भी दिए गए निर्देश

डीएम ने कहा कि महाकुंभ के दौरान गंगा नदी में गिरने वाले अनटैप्ड नालों पर बायोरिमेडियेशन की कार्रवाई की जाए। ग्रामीण क्षेत्र से भी प्रदूषित जल या प्रदूषित पदार्थ गंगा नदी में न जाने पाए।‌ यह भी सुनिश्चित किया जाए। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी और जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति के अन्य अधिकारियों को भी गंगा नदी जल की अविरलता एवं निर्मलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ‌ बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश मीणा, सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रोहित सिंह, एसपी प्रेमचंद सहित औद्योगिक इकाइयों के स्वामी और प्रतिनिधि मौजूद थे ‌