
मोदी सरकार की योजनाओं पर योगी के कर्मचारी लगा रहे पलीता, बिना रिश्वत के नहीं करते कोई काम
उन्नाव. 2022 तक सबके सर पर छत देने की मनसा रखने वाली केंद्र कि मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर योगी सरकार के कर्मचारी मट्ठा डालने का काम कर रहे हैं। बिना रिश्वत के कोई भी कार्य पूरा नहीं हो सकता। वह भी आवास और शौचालय का ही क्यों न हो। हर कदम पर सरकारी कर्मचारी आम लोगों को लूटने का काम कर रहे हैं। अकूत संपत्ति के मालिक बन चुके सरकारी कर्मचारी को किसी का भय नहीं है। इसलिए डंके की चोट पर दबंगई कर रहे हैं। यही कारण है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरुरतमंदों तक न पहुंच कर अपात्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के खिलाफ जांच हो जाए तो लोगों की आंखें फटी की फटी रह जाएंगी। कई ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की फैक्ट्रियां चल रही है। ऐसे में उनसे इमानदारी की अपेक्षा करना गलत है।
5 बच्चों के साथ झोपड़ी में जीवन यापन करने को मजबूर मां
बांगरमऊ तहसील के गंज मुरादाबाद क्षेत्र का रोशनाबाद गांव निवासी प्रेम अपने तीन बच्चो के साथ छप्पर के नीचे जीवन यापन कर रहा है। प्रेम की तरह गांव में ऐसे तमाम पात्र लोग हैं, जिन्हें सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं का लाभ नहीं मिला है। प्रेम ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान से बातचीत की लेकिन आवास शौचालय नहीं मिला। जबकि उसके पास खेत का एक टुकड़ा भी नहीं है। एक लड़का और दो लड़की के साथ जीवन यापन करने वाला प्रेम को खेती का एक टुकड़ा भी पट्टा के रूप में नहीं किया गया। जिससे वह अपना जीवन यापन कर सके। उसका बाद की रहने वाली मीरा ने बताया कि उसे भी आवाज नहीं दिया गया जबकि वह कच्चे मकानों में किसी प्रकार अपने 5 बच्चों के साथ जीवन यापन बिता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रधान से बातचीत हुई थी। लेकिन उन्होंने नहीं किया तो हम क्या कर सकते हैं। लड़ाई तो कर नहीं सकते।
पात्रों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ
इसी प्रकार बांगरमऊ तहसील क्षेत्र की जगत नगर निवासी राम जानकी 75 पत्नी सोहनलाल भी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रही है। जबकि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी राम जानकी की स्थिति से पूरी तरह जानकारी रखते हैं। फिर भी शासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं को पात्र व्यक्तियों को नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में बातचीत करने पर ग्राम प्रधान रामचरण ने बताया कि 162 शौचालय बनवाए गए हैं। इसके साथ ही आवास की सूची बनाकर भेज दी गई है। ग्राम पंचायत अधिकारी वेदप्रकाश अग्निहोत्री ने बताया कि पात्र व्यक्तियों को आवास और शौचालय दिए जाएंगे। लेकिन उनके पास इस बात का जवाब नहीं था अब तक क्यों नहीं दे दिये गए। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को झोपड़ी में रहने वाले पात्र व्यक्ति दिखाई नहीं पड़ते है। गौरतलब है ग्रामीण स्वच्छता मिशन के अंतर्गत हुई बैठक में विगत 2 मई को मुख्य विकास अधिकारी ने इस संबंध में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई थी। लेकिन उनकी रवैया में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं आया।
Published on:
28 May 2018, 7:31 AM IST
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