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पुलिस ने नहीं किया मुकदमा दर्ज, अदालत की शरण में जाने को मजबूर है परिवार

जनपद में सम्पति के लालच में बहन ने अपने प्रेमी पति के साथ मिलकर भाई की हत्या कर दी।

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Police officers not file lawsuit in Unnav hindi news

उन्नाव. जनपद में सम्पति के लालच में बहन ने अपने प्रेमी पति के साथ मिलकर भाई की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को फांसी से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। मृतका की बुआ ने थाना में तहरीर देकर नामजद मुकदमा दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई परंतु कार्रवाई तो दूर पुलिस ने अभी तक मामला तक दर्ज नहीं किया है। पीड़िता ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अदालत की शरण में जाने को मजबूर

पीड़िता ने बताया कि पुलिस के कथनानुसार वह थाना और जिला अस्पताल के चक्कर लगा रही है, परंतु उसे कहीं से भी राहत नहीं मिल रही है। उसने थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है। पिता का कहना है कि पुलिस आरोपियों से मिली भगत करके उसे न्याय से वंचित कर दिया है। इस संबंध में उसने मुख्यमंत्री को भी शिकायती पत्र भेजा है। लगभग 2 महीने से परेशान पीड़ित परिवार अब अदालत की शरण में जाने को मजबूर है।

माखी थाना क्षेत्र के रउकरना की घटना

मामला माखी थाना क्षेत्र के गांव रउकरना का है। पीड़िता बिट्टी देवी पत्नी गंगा प्रसाद निवासी गीता नगर काका देव कानपुर ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया है कि विगत 14 अक्टूबर उनके भतीजे विजय का शव कमरे के अंदर लटका मिला। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक विजय के सर और शरीर में कई जगह चोट के निशान मिले।

घटना को आत्महत्या मान रही है पुलिस

बिट्टी देवी ने बताया कि तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया है और न ही कोई कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस घटना को आत्महत्या मानकर चल रही है। बिट्टी देवी के अनुसार विजय और उसकी बड़ी बहन शालू की माता पिता की मौत 2005 में हो गई थी। उसके बाद से दोनों बच्चों का पालन पोषण उन्हीं ने किया।

शालू के प्रेम प्रसंग का विरोध कर रहा था विजय

विजय की बड़ी बहन शालू का गांव के ही रहने वाले संजय पुत्र प्यारे के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसका विजय विरोध करता था। विरोध के बीच में शालू ने संजय के साथ शादी कर ली और गांव में ही रहने लगी परंतु विजय के विरोध के कारण संजय और शालू उसे अपना दुश्मन मानते थे। उन्होंने बताया कि विजय अक्सर उनसे कहा करता था। उसे शालू और बहनोई संजय से जान का खतरा है। जिसकी वह धमकी देते हैं। गुड्डी देवी के अनुसार जमीन और मकान के लिए यह हत्या हुई है। तमाम प्रयासों के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। माखी थाना पुलिस कभी उसे जिला अस्पताल भेज देती है तो कभी सफीपुर क्षेत्राधिकारी से मिलने के लिए कहती है। परंतु न्याय कहीं से नहीं मिल रहा है। थक हार कर उसने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।