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सुबह की शुरुआत बारिश से, चना, सरसों, आम के बौर के लिए खतरा, क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक

बीते बृहस्पतिवार से शुरू हुई बारिश से ऐसे किसान परेशान है। जिनकी फसल तैयार खड़ी है। देर से बुआई करने वाले किसानों को लाभ मिलेगा।

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सुबह की शुरुआत बारिश से, चना, सरसों, आम के बौर के लिए खतरा, क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक

सुबह की शुरुआत बारिश से, चना, सरसों, आम के बौर के लिए खतरा, क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बीते बृहस्पतिवार को अचानक मौसम में परिवर्तन आया जो आज भी जारी है। सुबह से ही बादल गरजने के साथ बारिश हो रही है। तापमान में भी अंतर दिखाई पड़ रहा है। बारिश होने से किसान परेशान है। गेहूं, सरसों, चना की खड़ी फसल जो काटने के लिए तैयार हो चुकी है। इन फसलों को नुकसान होगा।

मौसम विभाग के अनुसार आज दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे। न्यूनतम तापमान 20 डिग्री और अधिकतम 31 डिग्री रहने की संभावना है। आज सुबह की शुरुआत बारिश से हुई। जब बड़ी-बड़ी बूंदी गिरने लगी। बादल भी गरज रहे थे। लगभग आधा घंटा की बारिश के बाद मौसम खुल गया।

तेज हवा भी चलने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार आज ओला गिरने की भी संभावना है। दोपहर में जोरदार बारिश हो सकती है। हवा 7 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। बारिश होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई पड़ने लगी। गेहूं की फसल तैयार खड़ी है। जिसे काटने के लिए किसान तैयारी में लगा है। सरसों की फसल भी काटी जा रही है।

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गर्मी जल्दी पड़ने के कारण फसल बुवाई में हुई देरी

बिछिया विकासखंड के मझखोरिया निवासी रामचंद्र तिवारी ने बताया कि सरसों और चना की फसल तैयार खड़ी है। जिसकी कटाई हो रही है। बारिश के कारण सरसों और चना को नुकसान होगा। गेहूं की ऐसी फसल जो कटने के लिए तैयार खड़ी है को भी नुकसान होगा।

लेकिन गर्मी जल्दी शुरू हो जाने के कारण देर से बुवाई करने वाले किसानों को लाभ मिलेगा। फरवरी महीने में गर्मी अधिक पड़ने के कारण देर से बोई गई गेहूं की फसल के दाने कमजोर हो रहे थे। जिनको इस बारिश से मजबूती मिलेगी।

क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक

कृषि विज्ञान केंद्र धौरा के वैज्ञानिकों का मानना है कि बरसात के कारण आम के बौर में कीड़े लग सकते हैं। बारिश का मौसम आम के बोर के लिए नुकसानदायक है। जिसमें फफूंद, दहिया जैसे रोग लगने की संभावना है। उन्होंने बाग की रखवाली कर रहे लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।

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