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सूफीवाद ही सभी धर्मों के बीच शांति और प्रेम फैलाने का काम करता है। इंसानियत कायम रखने और राष्ट्र निर्माण के लिए आज के वक्त की जरूरत है। ख्वाजा गरीब नवाज अजमेर शरीफ के सज्जादा नशीन सैयद नसीर उद्दीन चिश्ती उर्फ शेरू मियां ने यह विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद सूफीवाद को बढ़ावा देना है। भारत के संविधान और देश के कानून की हर हाल में रक्षा होनी चाहिए। स्थानीय प्राइवेट स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न भागों से आधा सैकड़ा से ज्यादा सज्जादा नशीन मौजूद थे। वक्ताओं ने कहा कि मुल्क की गंगा जमुनी तहजीब बिखरती जा रही है। जिसको महफूज रखने के उद्देश्य से ऑल इंडिया सूफी सज्जादा नशीन काउंसिल द्वारा कान्फ्रेंस आयोजित की गई है। बढ़ती धार्मिक कट्टरता से समाज को बचाने के लिए विचार विमर्श करना बताया गया।
ऑल इंडिया सूफी सज्जादा नशीन काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष अफजाल मोहम्मद फारूकी ने कहा कि आज सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर धार्मिक कट्टरवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसे रोकने के लिए सूफीवाद ही एकमात्र रास्ता है। जो गंगा जमुनी तहजीब को बढ़ावा देता है। खानकाहों से हमेशा मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम मिलता है। अमन का एक रास्ता मोहब्बत भी है। जिरे अपनाने से दूरियां खत्म होती है। फकीर और संत निस्वार्थ भाव से अमन, शांति का पैगाम दे सकते हैं। इस मौके पर दरगाहों को एक प्लेटफार्म पर लाकर उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का काम काउंसिल के माध्यम से किए जाने का निर्णय लिया गया।
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आधा सैकड़ा सज्जादा नशीन ने भाग लिया कान्फ्रेंस में
कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष ऑल इंडिया सूफी सज्जादा नशीं नवाजिश मोहम्मद फारूखी, मखदूम शाह सफीपुर शरीफ फिरंगी महल शहर काजी लखनऊ मुफ्ती अबुल इरफान मियां, दरगाह गुलबर्गा शरीफ हैदराबाद यदुल्ला हुसैनी, दरगाह रुदौली शरीफ अम्मार अहमद दरगाह निजामुद्दीन औलिया दिल्ली फरीद अहमद राजस्थान जयपुर के हबीबुर्रहमान नियाजी, राशिद अली मीनाई सहित पटना, बिहार, शहर काजी कानपुर, इलाहाबाद, डेरापुर कन्नौज सहित अन्य शहरों से सज्जादा नशीन ने भाग लिया।
Published on:
27 Mar 2022 09:13 pm
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