
सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने पीजीआई के डॉक्टर से पोस्टमार्टम कराने की मांग की
सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा कुशवाहा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए पीजीआई के डॉक्टरों की टीम से कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराए गए पोस्टमार्टम भी आरोपियों के मन मुताबिक बनाई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि किशोरी की कब हत्या हुई है। उन्होंने कहा कि वह पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानूनी सलाह के साथ कोर्ट में भी खड़ी होंगी। उत्तर प्रदेश में स्थानीय अधिवक्ता के बिना कोर्ट में खड़ा नहीं हुआ जा सकता है। इसलिए स्थानीय अधिवक्ता के माध्यम से हुआ पीड़िता की लड़ाई लड़ेंगे। पीड़िता इस स्थिति में नहीं है कि वह अपनी लड़ाई स्वयं लड़ सके। इसलिए शासन प्रशासन को भी उन्हें मदद देनी चाहिए। पीड़िता के पास जो एफ आई आर की कॉपी है उसमें गुमशुदगी की धाराएं हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डेड बॉडी मिलने के बाद आईपीसी की धारा 302/ 34/ 201 बढ़ाई गई है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पूर्व राज्य मंत्री व सपा नेता के पुत्र द्वारा दलित पुत्री की हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा कुशवाहा ने पीजीआई के डॉक्टरों से दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की है। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आरोपी के मन मुताबिक बनाए जाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को मदद की भी मांग की। सीमा कुशवाहा इसके पूर्व दिल्ली की निर्भया कांड के साथ हाथरस जैसी घटनाओं में भी पीड़ित परिवार की कानूनी तौर पर मदद कर चुकी हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाया सवाल
सीमा कुशवाहा ने जिला प्रशासन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों पर भी सवालिया निशान लगाया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अस्पष्ट नहीं है कि अमरीका की मौत कब हुई है। यदि 40 दिन पूर्व हत्या हुई होती तो बॉडी डीकंपोज हो जाती। हत्यारोपी काफी पावरफुल लोगों में है। जिससे स्पष्ट होता है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सही नहीं है। उन्होंने पीजीआई के डॉक्टर से पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की है। बोली पीड़ित परिवार की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह कानूनी लड़ाई लड़ सके। इस मामले में प्रशासन को मदद करना चाहिए वह भी पीड़ित मामले की सुनवाई करेंगी।
Published on:
13 Feb 2022 08:50 pm
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