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पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
उन्नाव. सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान की परम्परा को अनवरत जारी रखते हुये पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने स्थानीय गेस्ट हाउस में कार्यक्रम का आयोजन किया। श्री हृदय नारायण धवन चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से प्राथमिक, माध्यमिक, इंटरमीडिएट, स्नातक के 210 अध्यापकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से काशी के संकट मोचन मंदिर के मुख्य महंत बीएचयू के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग हेड ऑफ डिपार्टमेंट प्रो. विशंभर नाथ मिश्रा, प्रो. ओंकार सिंह, शिक्षक विधायक राजबहादुर सिंह चंदेल आदि मौजूद थे।
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शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. विशंभर नाथ मिश्र ने कहा कि गुरुजन ईश्वर का स्वरूप है। जो पूरी उम्र ज्ञान की जीवंत गंगा को प्रवाहित करता है। ऐसे गुरुजनों के सम्मान को परंपरा के रूप में अक्षुण रखने वाली अन्नू टंडन प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने कहा शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता है। यह केवल सरकारी शब्दावली है। परिपक्वता की उम्र में सरकार सेवानिवृत्त करती है। लेकिन शिक्षक को देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। भारत वह राष्ट्र है। जहां गुरु की पूजा ईश्वर से बढ़कर होती है। इसी वजह जगतगुरु की संज्ञा से विश्व में जाना जाता है। प्रोफेसर विशंभर नाथ मिश्रा ने कहा कि अन्नू टंडन को संसद में गंगा के रूप में देखता हूं और यह गंगा यदि संसद से अलग हो गई तो प्रजातंत्र का नुकसान होगा ।
पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने कहा
पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने कहा कि आज मंच पर बेहद पावन समागम देखने को मिल रहा है। जहां पर अपनी पूरी जिंदगी शैक्षिक तपस्या में लगाकर देश को मजबूत आधार देने वाले गुरु विराजमान है तो दूसरी तरफ महान संत शिक्षा जगत के पुरोधा जिन्होंने अपने तप बल और प्रखर विचारों से सनातन धर्म की जीवंतता को स्थापित रखा है।
शिक्षक विधायक राज बहादुर सिंह चंदेल बोले
कार्यक्रम को शिक्षक विधायक राज बहादुर सिंह चंदेल मैं अन्नू टंडन के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह शिक्षा की ही देन है। अपने कर्तव्य बोध का जिंदगी भर पालन करने वाले ही शिक्षा की उचित परिभाषा को सार्थक करते हैं । डॉक्टर सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन के आदर्श में शिक्षा से लेकर शिक्षकों को हर स्तर पर अपना आदर्श दिया है। जिसका पालन करने की आवश्यकता है।
प्रोफेसर ओंकार सिंह ने कहा
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के संस्थापक कुलपति प्रोफ़ेसर ओंकार सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति व संस्कार का आधार पूर्णतया वैज्ञानिक व तार्किक है। यदि संस्कृत व संस्कार को उचित तरीके से परिभाषित व मूल्यांकन कर लिया जाए तो पूरा विश्व प्रेम, सुख, शांति, विकास के पथ पर अग्रसर होगा। संस्कृति और संस्कार को जिस प्रकार हिंदुस्तान के शिक्षकों ने जीवित रखी है वह विश्व में अनुकरणीय है।
सपा एमएलसी व पूर्व विधायक मौजूद
कार्यक्रम का संचालन प्रमोद मिश्र वह विवेक शुक्ला ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम गीत के साथ हुआ। जबकि मां सरस्वती और डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। संगीतकार डॉक्टर राजेश्वरी डोंडियाल व उनकी टीम द्वारा गुरु वंदना, वंदे मातरम गाया गया। कार्यक्रम में एनडीसी ट्रस्ट के महाप्रबंधक अनूप कुमार मेहरोत्रा, नीरू टंडन, सबा अहमद, सीमा मेहरोत्रा, पूर्व विधायकों में उदय राज यादव, रामकुमार, सुधीर रावत, कृपाशंकर, सुंदरलाल कुरील, एमएलसी सुनील सिंह साजन सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी से जुड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
Published on:
19 Sept 2021 08:31 am
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