उन्नाव में तीन पत्नी और 8 बच्चों के होते हुए एक व्यक्ति ने मृत्यु के बाद होने वाले पिंड दान जैसे संस्कार को पूरा किया। तेरहीं का भोज भी खिलाया। तीसरी पत्नी ने जानकारी दी।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में तीन पत्नी, पांच बेटे और तीन बेटियां वाले व्यक्ति को यह विश्वास नहीं है कि मरने के बाद कोई उसका अंतिम संस्कार भी करेगा। जीते जी उसने अपना पिंडदान ही नहीं किया बल्कि अपने समाधि स्थल का भी चयन कर वहां छायादार चबूतरा बना दिया। तेरहवीं कार्यक्रम में गांव वालों को भी भोज करा दिया। इस व्यक्ति की तीसरी पत्नी का कहना है कि उनको कोई रोक नहीं सकता है। दो पत्नी पहले ही छोड़कर जा चुकी हैं। फिलहाल यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
घटना अजगैन थाना क्षेत्र अंतर्गत केवाना का है। गांव निवासी जगन्नाथ का 59 वर्षीय पुत्र जटाशंकर इस समय चर्चा में है। उन्होंने जीते जी अपना पिंडदान ही नहीं किया बल्कि अपने खेत में अंतिम संस्कार स्थल को छायादार कर चबूतरा बना दिया। अपने परिवार के सदस्यों को उसने बता दिया कि मृत्यु के बाद उसे यही दफना दिया जाए। बीते गुरुवार को जटाशंकर ने गांव वालों को तेरवहीं का न्योता भी दिया और और खाने पीने की व्यवस्था भी की।
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जटाशंकर की तीसरी पत्नी ने बताया
इस संबंध में जटा शंकर की तीसरी पत्नी मुन्नी देवी ने बताया कि वह तीसरी पत्नी है। दो पत्नी पहले ही छोड़कर जा चुकी हैं। घरेलू विवाद के कारण जटाशंकर 4 सालों से खेत में ही रहता है। घर का खर्चा पानी भी नहीं देते हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है। मना करने पर मानेंगे भी नहीं। इधर जटाशंकर ने विधि विधान के साथ अपना पिंडदान किया। इसमें गांव वाले भी शामिल हुए।