
ईडी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के छह जिलों में 22 स्थानों पर छापेमारी की। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। ईडी की कार्रवाई शैक्षणिक संस्थानों पर हुई है। शैक्षणिक संस्थानों ने 75 करोड़ की छात्रवृत्ति का गबन किया है। यह रुपए SC-ST, आर्थिक रूप से कमजोर, अल्पसंख्यक वर्ग और दिव्यांग छात्रों के लिए थी।
केंद्र सरकार और राज्य सरकार हर साल आर्थिक रूप से कमजोर, अल्पसंख्यक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और शारीरिक रूप से विकलांग छात्रों की शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप जारी करती है। इन संस्थानों ने छात्रों के नाम पर बैंक में फर्जी खाते खोले और पैसा हड़प लिया।
जांच के घेरे में हैं यें संस्थान
ईडी ने बताया कि उसकी जांच के घेरे में जो संस्थान हैं, उनमें लखनऊ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एजुकेशन, एस एस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, हाइजिया कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हाइजिया इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी हैं। ये कॉलेज राजधानी लखनऊ में है। डॉ. ओम प्रकाश गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी फर्रुखाबाद भी शामिल है।
इसके साथ ही डॉ. भीम राव आंबेडकर फाउंडेशन और जीविका कॉलेज ऑफ फार्मेसी, आरपी इंटर कॉलेज, ज्ञानवती इंटर कॉलेज और जगदीश प्रसाद वर्मा उच्च माध्यमिक विद्यालय हरदोई भी उन संस्थानों में शामिल हैं। जिनके खिलाफ धनशोधन रोकथाम अधिकनियम यानी PMLA के प्रावधानों के तहत जांच की जा रही है।
इन लोगों ने किया छात्रवृत्ति का गबन
ईडी ने बताया है कि हाइजिया कॉलेज के आईएच जाफरी, एस एस संस्थान के प्रवीण कुमार चौहान और जीविका कॉलेज के राम गुप्ता और ओपी गुप्ता संस्थान के शिवम गुप्ता पर छात्रवृत्ति गबन का आरोप है। ये लोग फर्जी उम्मीदवारों के नाम पर छात्रवृत्ति का फॉर्म भरवाते थे और जो छात्रवृत्ति आती है। उसे हड़प जाते थे।
बैंक के एजेंट के सहारे होता था घोटाला
ईडी ने बताया, “यह घोटाला मोहम्मद साहिल अजीज, अमित कुमार मौर्य, तनवीर अहमद, जितेंद्र सिंह और रवि प्रकाश गुप्ता सहित फिनो पेमेंट्स बैंक के कई एजेंटों की सहायता से किया गया। बैंक में खाते खोलने के लिए प्रक्रिया में छूट का दुरुपयोग भी करने की बात जांच में सामने आई है।
ईडी ने अपने आरोप में कहा है, ‘‘आरोपियों ने सभी बैंक खाते फिनो की लखनऊ और मुंबई शाखाओं में खोले थे। संस्थानों ने छात्रवृत्ति धन के इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण और नकद निकासी, दोनों में फिनो एजेंट की सेवाओं का लाभ उठाया।’’
छापेमारी के दौरान ईडी ने कई दस्तावेज किए जब्त
एजेंसी ने छापेमारी के दौरान 36.51 लाख रुपए और 956 अमेरिकी डॉलर नकद के अलावा बड़ी संख्या में सिम कार्ड, स्टैंप और विभिन्न संस्थाओं की मुहरें जब्त की हैं। इसने कहा कि संस्थान प्रथम दृष्टया विभिन्न दस्तावेजों की ‘‘जालसाजी और उन्हें गढ़ने’’ में शामिल थे।
नियमों के मुताबिक स्कॉलरशिप का पूरा पैसा छात्रों के खातों में ही आना चाहिए लेकिन इन संस्थानों ने फर्जी तरीके से पैसा हड़प लिया।
Updated on:
20 Feb 2023 01:33 pm
Published on:
20 Feb 2023 01:21 pm

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